आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । अब स्कूलों की कक्षाओं में पढ़ाई के साथ लोकतंत्र की बारीकियां भी जीवंत रूप में दिखाई देंगी। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में युवा संसद प्रतियोगिता आयोजित कर विद्यार्थियों को सदन की कार्यप्रणाली, संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था का व्यावहारिक अनुभव कराया जाएगा। युवा संसद में विद्यार्थी खुद सांसद, मंत्री, विपक्ष और अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे और सवाल-जवाब से लेकर सदन की कार्यवाही संचालित करने तक का अभ्यास करेंगे।
राष्ट्रीय युवा संसद योजना के तहत विद्यालयों को निर्धारित विभागीय पोर्टल पर 30 सितंबर तक पंजीकरण कराना होगा। जिले के 56 राजकीय और 10 अशासकीय विद्यालयों समेत माध्यमिक विद्यालयों में युवा संसद के गठन और आयोजन की तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
सवाल भी पूछेंगे और जवाब भी देंगे विद्यार्थी –
युवा संसद की सबसे खास बात यह होगी कि सदन की पूरी कार्यवाही विद्यार्थियों के बीच ही संचालित होगी। विपक्ष की भूमिका निभाने वाले विद्यार्थी विभिन्न समसामयिक और ज्ञानवर्धक मुद्दों पर सवाल उठाएंगे, जबकि सत्ता पक्ष की भूमिका में विद्यार्थी सवालों का जवाब देंगे। सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए अध्यक्ष की भूमिका भी विद्यार्थी ही निभाएंगे। इसके जरिए विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, तर्क रखने, जवाब देने, चर्चा में भाग लेने और सदन की कार्यवाही संचालित करने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, तर्क-वितर्क, निर्णय लेने और प्रभावी अभिव्यक्ति जैसे कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।
बनेगी पूरी मंत्रिपरिषद, होगा अध्यक्ष का चुनाव –
युवा संसद में विद्यार्थियों के बीच बाकायदा मंत्रिपरिषद का गठन किया जाएगा। सदन के अध्यक्ष का चुनाव होगा और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच संसदीय तरीके से संवाद कराया जाएगा। विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक, राष्ट्रीय और समसामयिक विषयों पर चर्चा के जरिए विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय मर्यादाओं की जानकारी दी जाएगी।
प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाचार्य की स्वीकृति के बाद कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। एक युवा संसद में करीब 50 से 55 विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। विद्यालय स्तर पर सदन की कार्यवाही संचालित कराने के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किए जाएंगे।
21 विद्यालयों में शुरू हो चुकी युवा संसद की गतिविधि –
जिले में युवा संसद को लेकर विद्यालयों में गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। अब तक 21 विद्यालयों में युवा संसद का गठन कर सदन की कार्यवाही शुरू कराई जा चुकी है। इनमें पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज दुद्धी, पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज दुद्धी, पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राबर्ट्सगंज, पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ओबरा, राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज मुड़ीलाडीह, राजकीय इंटर कॉलेज चतरा, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज डोहरी, शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज ओबरा, राजकीय हाईस्कूल सुकृत, राजकीय हाईस्कूल कुसुम्हा, श्री चंद्रगुप्त मौर्य इंटर कॉलेज मधुपुर समेत अन्य राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय शामिल हैं।
लोकतंत्र की पहली पाठशाला बनेंगे विद्यालय –
डीआईओएस जयराम सिंह ने बताया कि “कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यालयों में युवा संसद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके लिए प्रधानाचार्यों को विद्यार्थियों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि युवा संसद का उद्देश्य विद्यार्थियों को संसद की कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय प्रक्रियाओं से परिचित कराना है। अब तक 21 विद्यालयों में युवा संसद का गठन कराया जा चुका है और वहां सदन की कार्यवाही भी शुरू हो गई है।”





