लखनऊ। राजधानी लखनऊ में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने एक संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि विपक्षी दलों के पास महिला अपराधों के ‘पाप’ से मुक्ति पाने का एक सुनहरा मौका था, लेकिन उन्होंने संसद के भीतर ऐसा आचरण किया जो द्रौपदी के चीर-हरण जैसा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके जैसे दल भारत को कमजोर करने की नीयत से सुधारवादी कदमों के सामने बाधा बनकर षड्यंत्र रचते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह बिल अत्यंत प्रगतिशील था, जिसका उद्देश्य महिलाओं को उनका स्वाभाविक अधिकार देना था। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस ऐतिहासिक अवसर को ‘काला दिन’ बना दिया, जिससे आज देश की आधी आबादी के मन में गहरा आक्रोश है।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने समाजवादी पार्टी पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष मुस्लिम बहनों के लिए आरक्षण की मांग उठाकर संविधान की मूल भावना को चोट पहुंचा रहा है, क्योंकि भारत का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता है। सीएम योगी ने आगे विस्तार से बताया कि महिला आरक्षण बिल पर सरकार ने राज्यों के अधिकारों का भी पूरा ध्यान रखा था और 2011 की जनगणना के आधार पर उत्तर और दक्षिण, सभी राज्यों में समान अनुपात में सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया गया था ताकि किसी का हक न मारा जाए। मुख्यमंत्री ने शाह बानो प्रकरण और ट्रिपल तलाक कानून का जिक्र करते हुए कहा कि जो दल आज महिलाओं के हक की दुहाई दे रहे हैं, उन्होंने पूर्व में इन प्रगतिशील कदमों का भी विरोध किया था। उन्होंने कहा कि जिन्होंने जातिवाद के नाम पर देश को लूटा और अपने परिवारों का पोषण किया, उनके लिए पीएम मोदी का यह कदम एक बड़ी चुनौती और चेतावनी थी, इसीलिए वे इसका विरोध कर रहे हैं। अंत में, उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में देश की महिलाएं अपने वोट की ताकत से विपक्ष को इस आचरण का उचित जवाब देंगी।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





