आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । किसी के जीवन में नए सफर की शुरुआत, तो किसी परिवार के चेहरे पर बेटी के विवाह की चिंता से मुक्ति की मुस्कान। इन खुशियों के बीच सोमवार को रॉबर्ट्सगंज के उरमौरा स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 225 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच 216 हिंदू और 9 मुस्लिम जोड़े विवाह बंधन में बंधे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देकर उनके सुखमय दांपत्य जीवन की कामना की।
जिला प्रशासन के पर्यवेक्षण में समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस समारोह में जिले के विभिन्न विकास खंडों और नगर पालिका क्षेत्र के पात्र जोड़ों ने हिस्सा लिया। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के विवाह में सहायता प्रदान करना और नवदंपतियों को नई गृहस्थी की शुरुआत के लिए आर्थिक संबल उपलब्ध कराना है।
225 जोड़ों के नए जीवन की शुरुआत का गवाह बना समारोह –
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए जोड़ों का विवाह उनकी धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया। आयोजन में रॉबर्ट्सगंज विकास खंड के 38, करमा के 19, चतरा के 11, नगवां के 5, दुद्धी के 15, म्योरपुर के 43, घोरावल के 29, चोपन के 21, कोन के 8, बभनी के 24 तथा नगर पालिका क्षेत्र के 12 जोड़े शामिल रहे। इस तरह जिले के विभिन्न ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के कुल 225 पात्र जोड़ों ने योजना के तहत वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। समारोह में नवदंपतियों के परिजनों और उपस्थित लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
राज्यमंत्री समेत जनप्रतिनिधियों ने दिया आशीर्वाद –
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड, रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत, म्योरपुर ब्लॉक प्रमुख मान सिंह और नगवां ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे), जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। कार्यक्रम को सफल बनाने में समाज कल्याण विभाग, विकास विभाग और पुलिस प्रशासन के कर्मचारियों ने सहयोग किया।
गृहस्थी बसाने के लिए प्रत्येक जोड़े पर एक लाख रुपये का प्रावधान –
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत नवदंपतियों को आर्थिक सहायता और गृहस्थी की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि शासनादेश के अनुसार प्रत्येक जोड़े पर कुल एक लाख रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान है। इसमें 64 हजार रुपये की सहायता राशि कन्या के खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाएगी। इसके अतिरिक्त 21 हजार रुपये की वैवाहिक उपहार सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिसमें गद्दा, तकिया, साड़ी, ब्लाउज, पेटीकोट, चुनरी, लहंगा, चादर, प्रेस, डिनर सेट, सीलिंग फैन, मिष्ठान सहित अन्य सामग्री शामिल है। वहीं, भोजन, पंडाल, फर्नीचर, पेयजल, विद्युत, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक इंतजामों के लिए प्रति जोड़ा 15 हजार रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान है। इस प्रकार योजना के माध्यम से विवाह के आयोजन से लेकर नवदंपतियों की गृहस्थी बसाने तक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
नवंबर में फिर बजेगी शहनाई, 15 से 25 नवंबर के बीच प्रस्तावित आयोजन –
जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि “जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अगला आयोजन 15 से 25 नवंबर 2026 के बीच प्रस्तावित है। इसके लिए पात्र जोड़ों को योजना का लाभ दिलाने की तैयारी की जा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटी का विवाह कई बार बड़ी जिम्मेदारी बन जाता है। ऐसे में सामूहिक विवाह योजना न केवल विवाह के खर्च में सहायता देती है, बल्कि सामाजिक सहभागिता के बीच नवदंपतियों को सम्मानपूर्वक नए जीवन की शुरुआत करने का अवसर भी प्रदान करती है।”
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....






