आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• पंचगव्य से बना रहीं दीपक और गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियाँ
• पराग दूध की ओर से मिला 20 हजार दीपक और एक हजार पैकेट धूपबत्ती का ऑर्डर
सोनभद्र । दीपावली पर घर-आंगन को रोशन करने के लिए जहां बाजारों में दीयों की चमक बढ़ने लगी है, वहीं सोनभद्र की ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर और मेहनत से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से गणेश आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पंचगव्य से दीपक, धूपबत्ती और भगवान गणेश-लक्ष्मी की आकर्षक मूर्तियां तैयार करने में जुटी हैं। खास बात यह है कि उनके उत्पादों को बाजार में पसंद किया जा रहा है और पराग दूध की ओर से समूह को 20 हजार दीपक तथा धूपबत्ती के एक हजार पैकेट का ऑर्डर भी मिला है। त्योहार की खुशियों के बीच मिला यह ऑर्डर महिलाओं के हुनर को बाजार और उनके सपनों को उड़ान देने का अवसर बन रहा है।
दीपावली के अवसर पर पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने से समूह की महिलाओं के चेहरे पर भी उम्मीद की चमक दिखाई दे रही है। पंचगव्य से तैयार किए जा रहे दीपक और पूजा सामग्री न केवल पारंपरिक आस्था से जुड़े हैं, बल्कि महिलाओं को अपने घर-परिवार के साथ स्वरोजगार की जिम्मेदारी संभालने का अवसर भी दे रहे हैं। प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और बाजार से जुड़ाव के सहारे महिलाएं अब अपने हुनर को आमदनी के साधन में बदल रही हैं।
प्रशिक्षण से हुनर को मिला रोजगार का आधार –
एनआरएलएम के उपायुक्त रवींद्र वीर ने बताया कि “गणेश आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पंचगव्य से दीपक, धूपबत्ती और गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। पंचगव्य में गाय के गोबर, दूध, घी, दही और गोमूत्र जैसे घटकों का उपयोग किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को उत्पाद बनाने के साथ उन्हें आकर्षक रूप देने की तकनीक भी सिखाई गई। इसके साथ ही स्वरोजगार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई। प्रशिक्षण और सहयोग का असर अब महिलाओं के काम में दिखाई देने लगा है। वे पारंपरिक धार्मिक उत्पादों को आकर्षक डिजाइन के साथ तैयार कर रही हैं, जिससे त्योहारों के मौसम में उनके उत्पादों के प्रति ग्राहकों की रुचि बढ़ रही है। इस पहल ने महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर भी उपलब्ध कराया है।”
20 हजार दीपक का ऑर्डर, बढ़ा महिलाओं का उत्साह –
गणेश आजीविका स्वयं सहायता समूह के उत्पादों को मिल रही बाजार में स्वीकार्यता का अंदाजा पराग दूध की ओर से मिले बड़े ऑर्डर से लगाया जा सकता है। समूह को 20 हजार दीपक और धूपबत्ती के एक हजार पैकेट तैयार करने का ऑर्डर मिला है। इससे महिलाओं को बड़े स्तर पर उत्पादन करने और अपने काम को विस्तार देने का अवसर मिला है।
दीपावली के दौरान पूजा-पाठ से जुड़े उत्पादों की मांग बढ़ने के बीच यह ऑर्डर समूह के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार मिलने के साथ भविष्य में कारोबार बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं। अब समूह की महिलाएं समय पर ऑर्डर पूरा करने के लिए दीपक और अन्य उत्पाद तैयार करने में जुटी हैं।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





