आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । रॉबर्ट्सगंज तहसील में एसडीएम सदर को हटाने की मांग को लेकर लेखपालों का आंदोलन अब केवल तहसील परिसर तक सीमित नहीं रह गया है। लेखपालों के अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार से विंध्य एक्सप्रेस-वे समेत विकास परियोजनाओं से जुड़े राजस्व कार्यों की रफ्तार प्रभावित होने लगी है। एक ओर प्रदेश सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर तहसील स्तर पर लेखपालों की कलमबंद हड़ताल ने जमीन संबंधी सत्यापन, पैमाइश, रिपोर्ट और अन्य राजस्व प्रक्रियाओं को प्रभावित कर दिया है।
लेखपाल संघ का आरोप है कि एसडीएम सदर की कार्यप्रणाली और व्यवहार से कर्मचारी लंबे समय से परेशान हैं। विवाद उस समय और गहरा गया, जब लेखपाल रामचंद्र के खिलाफ पत्थरगड़ी और फील्डबुक जमा नहीं करने के मामले में विभागीय कार्रवाई की गई। लेखपालों का दावा है कि मामले में जांच भी हो चुकी है, बावजूद इसके कार्रवाई को लेकर उनका विरोध जारी है।
विकास की रफ्तार पर कर्मचारी आंदोलन ने लगाया ब्रेक –
विंध्य एक्सप्रेस-वे को जनपद के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजना माना जा रहा है। परियोजना से जुड़े कई कार्यों में राजस्व विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में रॉबर्ट्सगंज तहसील के लेखपालों के सामूहिक कार्य बहिष्कार से यदि संबंधित रिपोर्ट, सत्यापन, भूमि संबंधी कार्य अथवा मौके की जांच लंबित होती है तो इसका सीधा असर परियोजना की प्रगति पर पड़ना तय है।
एसडीएम के रहते काम करना मुश्किल – संजय कुमार सिंह
रॉबर्ट्सगंज तहसील लेखपाल संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि “लेखपालों की मांग पूरी तरह जायज है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के साथ लगातार दुर्व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक एसडीएम सदर का स्थानांतरण नहीं किया जाता, तब तक लेखपालों का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। संजय सिंह ने कहा कि लेखपालों का उद्देश्य सरकारी कामकाज रोकना नहीं है, लेकिन जब कर्मचारियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जाएगा तो आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। उन्होंने साफ किया कि मांग पर सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।”
जरूरत पड़ी तो पूरे जिले में होगा आंदोलन – साजिद खान वारसी
तहसील लेखपाल संघ के मंत्री साजिद खान वारसी ने कहा कि “रामचंद्र के प्रकरण को लेकर लेखपाल संघ ने अधिकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि नियम-कानून के विपरीत कार्यवाही की जा रही है और इसी के विरोध में लेखपाल कार्य बहिष्कार पर हैं। उन्होंने कहा कि एसडीएम सदर का स्थानांतरण होने तक लेखपाल काम पर नहीं लौटेंगे। फिलहाल आंदोलन रॉबर्ट्सगंज तहसील में चल रहा है, लेकिन मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को पूरे जनपद में विस्तार दिया जा सकता है।”
वहीं एसडीएम आशीष कुमार त्रिपाठी ने कहा कि “लेखपालों द्वारा किया जा रहा आंदोलन उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां तक लेखपाल रामचंद्र के प्रकरण का सवाल है, इस मामले में एडीएम स्तर से कराई गई जांच में उन पर लगाए गए आरोप पुष्ट पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही नियमानुसार उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि लेखपालों को पूरे प्रकरण को प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत देखते हुए अपना धरना समाप्त कर कार्य पर वापस लौटना चाहिए, ताकि राजस्व कार्यों के साथ-साथ आमजन से जुड़े जरूरी काम प्रभावित न हों।”
“बहरहाल सात दिन से जारी लेखपालों के कार्य बहिष्कार ने अब प्रशासनिक गतिरोध को आमजन की परेशानी और विंध्य एक्सप्रेस-वे जैसी महत्वपूर्ण विकास परियोजना की रफ्तार पर असर पड़ने लगा है। राजस्व संबंधी जरूरी कार्यों के प्रभावित होने से लोगों को भी अपने काम के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर जिलाधिकारी इस गतिरोध को खत्म कराने के लिए कब निर्णायक हस्तक्षेप करेंगक्या प्रशासनिक पहल के जरिए दोनों पक्षों के बीच चल रहे टकराव का समाधान निकालकर विंध्य एक्सप्रेस-वे से जुड़े कार्यों और आमजन के जरूरी राजस्व कार्यों को फिर से रफ्तार दी जाएगी या फिर यह गतिरोध के समाप्त होने के लिए कुछ दिनों का और इंतजार करना पड़ सकता है।”






