आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• चार अवर अभियंताओं का रोका वेतन
• ठेकेदार पर 20 लाख रुपये की पेनल्टी, दो माह में सड़क पूरी करने का अल्टीमेटम
• एमएमबीसीबी मार्ग से छत्तीसगढ़ बॉर्डर तक 54.10 करोड़ की लागत से हो रहा सड़क चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण
सोनभद्र। विकास कार्यों में लापरवाही और धीमी प्रगति को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को उन्होंने एमएमबीसीबी मार्ग किलोमीटर-39 से बनवासी सेवा आश्रम होते हुए छत्तीसगढ़ बॉर्डर तक करीब 14 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन सड़क का स्थलीय निरीक्षण किया। करीब 54.10 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे सड़क चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों से लेकर कार्यदायी संस्था तक की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग में शिथिलता सामने आने पर लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड के सहायक अभियंता नवीन श्रीवास्तव और छोटेलाल के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं निगरानी में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरतने पर अवर अभियंता जितेंद्र तिवारी, श्रीकेश, राजेश शर्मा और संतोष कुमार सिंह के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया।
ठेकेदार पर 20 लाख की पेनल्टी –
सड़क निर्माण की धीमी प्रगति पर डीएम ने कार्यदायी संस्था के खिलाफ भी कार्रवाई की। उन्होंने संबंधित ठेकेदार पर 20 लाख रुपये की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए। साथ ही अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड को चेतावनी जारी करने तथा संबंधित सहायक अभियंताओं को भी चेतावनी देने के निर्देश दिए।
दो माह में हर हाल में पूरा करना होगा काम –
डीएम ने कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का काम दो माह के भीतर हर हाल में पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि काम में तेजी लाने के साथ निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए। नियमित मॉनिटरिंग कर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता दोनों की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
लापरवाही और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं –
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि सड़क निर्माण और सुदृढ़ीकरण के कार्य मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। ऐसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की लगातार समीक्षा की जाएगी तथा लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्यवाही की जाएगी।
ये रहे मौजूद –
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी दुद्धी अशोक कुमार, अधिशासी अभियंता एस0के0 सिंह, अर्थ एवं संख्याधिकारी राजेश कुमार, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह समेत संबंधित अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।






