आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने के लिए किया गया रक्तदान महज कुछ बूंद रक्त देना नहीं, बल्कि मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल कायम करना है। इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन के तत्वाधान में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा मौजूद रहे। शिविर में चिकित्सकों, मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों समेत अन्य लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर लोगों को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया।
शिविर में स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं ने कहा कि “रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। दुर्घटना, गंभीर बीमारी, प्रसव अथवा आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर उपलब्ध कराया गया रक्त किसी व्यक्ति के लिए जिंदगी और मौत के बीच का अंतर बन सकता है। ऐसे में स्वेच्छा से किया गया रक्तदान किसी अनजान व्यक्ति को भी नया जीवन देने का माध्यम बनता है।“
सीएमओ डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने कहा कि “एक स्वस्थ व्यक्ति का छोटा सा प्रयास किसी परिवार की खुशियां वापस लौटा सकता है। इसलिए लोगों को रक्तदान को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखते हुए नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। रक्तदान एक ऐसा पुनीत कार्य है, जिससे किसी जरूरतमंद मरीज को जीवनदान मिल सकता है। स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। नियमित रक्तदान से अस्पतालों में जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने स्वस्थ एवं पात्र लोगों से स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए आगे आने की अपील की।”
शिविर में डॉ0 राहुल सिंह, डॉ0 शिवकुमार यादव, डॉ0 सुनील, डॉ0 हिमांशु, डॉ0 आयुषी, डॉ0 हर्षित सहित मेडिकल कॉलेज के स्टाफ शुभम दुबे, ऋषभ दुबे, पूजा सिंह, सुरेंद्र उपाध्याय, आनन्द चौबे, अमरजीत, विश्वजीत समेत अन्य लोगों ने रक्तदान किया।






