Sonbhadra News : मंदिर के लिए दान जमीन निजी नाम पर रजिस्ट्री कराने का आरोप, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई जाँच कर कार्यवाही की गुहार

SHARE:

 

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र। बभनी ब्लॉक के बैना गांव में राधा-कृष्ण मंदिर निर्माण के लिए दान की गई करीब सवा बीघा जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर निर्माण और सार्वजनिक उपयोग के लिए दी गई जमीन की कथित तौर पर एक निजी व्यक्ति के नाम रजिस्ट्री करा दी गई। मामले को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित करने और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

मंदिर निर्माण के लिए दान की गई थी जमीन –

ग्रामीणों के अनुसार करीब पांच-छह वर्ष पूर्व बैना गांव में राधा-कृष्ण मंदिर निर्माण समिति का गठन किया गया था। इसी दौरान गांव के रामवृक्ष पनिका ने मंदिर निर्माण एवं सार्वजनिक उपयोग के उद्देश्य से करीब सवा बीघा जमीन दान की थी। इसके बाद ग्रामीणों और अन्य लोगों के सहयोग से जमीन की बाउंड्री कराई गई तथा मंदिर निर्माण का कार्य शुरू कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन पर धार्मिक आयोजनों के साथ मंदिर निर्माण का कार्य भी चल रहा था।

निजी नाम पर रजिस्ट्री का आरोप –

ग्रामीणों का आरोप है कि बाद में इसी जमीन की रजिस्ट्री एक निजी व्यक्ति के नाम करा दी गई। इसकी जानकारी सामने आने के बाद गांव में नाराजगी बढ़ गई। ग्रामीणों का दावा है कि जमीन के मूल मालिक रामवृक्ष पनिका अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। आरोप लगाया गया कि उनकी बीमारी और परिस्थितियों का कथित रूप से फायदा उठाकर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जमीन से संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मंदिर समिति की जमीन वापस दिलाने की मांग –

पीड़ित पक्ष के भतीजे रूप शाह ने आरोप लगाया कि ग्राम समिति और राधा-कृष्ण मंदिर के लिए दी गई जमीन को बाद में विभा उपाध्याय के नाम रजिस्ट्री करा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जमीन मंदिर निर्माण और सार्वजनिक उपयोग के लिए दान की गई थी तो उसका उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से जमीन के मूल दस्तावेजों, दान और रजिस्ट्री से संबंधित अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही कथित अनियमितता की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और जमीन को मंदिर समिति के उपयोग में वापस दिलाने की गुहार लगाई है।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर –

एसडीएम दुद्धी अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जल्द ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Recent

Follow Us Now