आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । एकादश आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को जिला पंचायत संसाधन केंद्र (डीपीआरसी) में जिलास्तरीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आयुर्वेद के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली और रोगों से बचाव के लिए आयुर्वेदिक पद्धतियों को अपनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने दीप प्रज्ज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने कहा कि “आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और स्वास्थ्य संरक्षण का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने लोकजीवन में आयुर्वेद के बढ़ते प्रभाव और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने खान-पान, दिनचर्या और प्राकृतिक जीवनशैली के उदाहरण देते हुए छात्रों को स्वस्थ रहने के प्रति जागरूक किया।
आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में जिले के कई शैक्षणिक संस्थानों से छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इनमें आयुर्वेद आधारित भाषण, निबंध लेखन, क्विज, पोस्टर पेंटिंग और रील वीडियो निर्माण जैसी प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने आयुर्वेद के महत्व, उद्देश्य तथा स्वस्थ जीवनशैली में इसकी भूमिका को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।”
कार्यक्रम में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय बालिका विद्यालय, कीर्ति इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज, ओम प्रकाश कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज, जिला शैक्षणिक प्रशिक्षण संस्थान तथा राजकीय महिला महाविद्यालय राबर्ट्सगंज के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने सम्मानित किया साथ ही प्रतिभागी शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ0 विश्वकर्मा, 50 शय्या आयुष चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ0 ज्योतिर्जय सहित वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे। मंच संचालन करते हुए डॉ0 अपूर्व प्रियदर्शी ने आयुर्वेद से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं और आयुर्वेद दिवस के उद्देश्य एवं प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर आयुष विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन के बीच आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ जीवनशैली के लिए पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित करना रहा।





