आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सड़क किनारे बेतरतीब खड़े ट्रक एक बार फिर जानलेवा साबित हुए। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के सुकृत में वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर बुधवार की भोर करीब तीन बजे सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से एक पिकअप जा घुसी। हादसे में पिकअप चालक और खलासी की मौत हो गई। घटना ने हाईवे पर खड़े भारी वाहनों को लेकर किए जा रहे पुलिसिया अभियान और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जाता है कि भोर करीब तीन बजे पिकअप सुकृत की ओर से गुजर रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से पिकअप जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप में सवार दोनों लोग गंभीर रूप से घायल होकर वाहन में फंस गए। हादसे के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सुकृत पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद पिकअप में फंसे दोनों लोगों को बाहर निकलवाया। इसके बाद दोनों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मधुपुर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवा दिया। मृतकों की पहचान सद्दाम पुत्र वसीम (32 वर्ष) निवासी ग्राम खतौलीथाना दुद्धी तथा रविन्द्र पुत्र अमरजीत (27 वर्ष) निवासी ग्राम कादल, थाना दुद्धी के रूप में हुई है।
हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस घटना के कारणों की जांच में जुटी है। प्रथम दृष्टया खड़े ट्रक में पीछे से पिकअप की टक्कर को हादसे की वजह माना जा रहा है।
पुलिस अभियान के बावजूद नहीं थम रहा मौत का सिलसिला –
सुकृत-वाराणसी शक्तिनगर हाईवे पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों का मुद्दा नया नहीं है। पुलिस द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटाने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत हादसों के रूप में सामने आ रही है। रात और भोर के समय सड़क किनारे खड़े ट्रक दूर से स्पष्ट नजर नहीं आने के कारण तेज रफ्तार वाहनों के लिए बड़ा खतरा बन जाते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर पुलिस अभियान के बाद भी सड़क किनारे खड़े ट्रकों पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही है? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है? लगातार हो रहे हादसों के बावजूद यदि हाईवे के किनारे भारी वाहनों की पार्किंग पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हादसों का यह सिलसिला और भयावह रूप ले सकता है।






