लखनऊ में बोले शंकराचार्य- हमें कांशीराम जैसे समर्पण की आवश्यकता

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लखनऊ। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने लखनऊ में शंखनाद कर गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का शंखनाद कर दिया। आशियाना के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक उपवन में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-धर्माचार्य और समर्थक मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा, आज हमें कांशीराम जैसे समर्पण की आवश्यकता है। उन्होंने कांधे पर झोला टांगकर जन कल्याण की राजनीति शुरू की और अपनी शिष्या मायावती को कई बार मुख्यमंत्री बनाया। बोले, हमें सरकारी संतों की जरूरत नहीं बल्कि असरकारी संतों की जरूरत है। उन्होंने कहा, न्याय के मार्ग पर रहकर शासन करो।

कहा, वेद पढ़ने वाले बटुक क्या लाठी और आपके जूते के योग्य थे जो उनके साथ प्रयागराज में अन्याय किया गया। बोले, आपने अपने पंथ को लजवा दिया। इतिहास में कालिख से आपका कृत्य लिखा जायेगा।

शंकराचार्य ने पूछा यहां कितने भाजपाई

शंकराचार्य बारी-बारी से लोगों से पूछा कि यहां कितने लोग कांग्रेसी हैं, कितने सपाई, कितने बसपाई हैं और कितने भाजपा वाले हैं? सबसे ज्यादा हाथ भाजपा समर्थकों के उठे। इस पर कहा कि भाजपाई भी हैं तो लोगों ने जवाब दिया कि पहले भाजपाई थे पर अब नहीं हैं। जिस पर शंकराचार्य ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वाले प्रचार कर रहे थे कि हमारा समर्थन कांग्रेसी और सपाई कर रहे हैं लेकिन यहां तो पोल खुल गई।

कार्यक्रम को लेकर अलग-अलग जगहों से धर्माचार्य और गो रक्षक मंगलवार को ही लखनऊ में जुट गए। गो रक्षा आंदोलन को लेकर शंकराचार्य इन दिनों चर्चा में हैं और गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं।

इस आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने एक दिन पहले ही तैयारी शुरू कर दी और सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध कार्यक्रम में भाग लेने मंगलवार को लखनऊ पहुंचे राष्ट्रीय संत सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगतगुरु आचार्य देव मुरारी बापू ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि इस कार्यक्रम को रुकवाने की बहुत कोशिशें की गईं जो निरर्थक साबित हुईं। प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए कई शर्तों के साथ अनुमति

गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के समर्थन में जुटीं सनातनी महिलाएं

फैजुल्लागंज क्षेत्र में बुधवार को गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के समर्थन में दर्जनों सनातनी महिलाएं एकत्रित हुईं। इस दौरान महिलाओं ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाते हुए आंदोलन को मजबूती देने का आह्वान किया। सामाजिक कार्यकर्ता ममता त्रिपाठी ने कहा कि सनातन संस्कृति में गौ माता का विशेष स्थान रहा है, लेकिन वर्तमान समय में लोग इससे दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ में शुद्धता और परंपराओं का पालन जरूरी है। साथ ही उन्होंने लोगों से गौ संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की।

उन्होंने कहा कि गौ, गंगा और गायत्री भारतीय संस्कृति का मूल आधार हैं। यदि देश गो-बध मुक्त बनता है तो भारत पुनः विश्व गुरु के स्वरूप की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में कर्मों के आधार पर फल मिलने की मान्यता है, इसलिए प्रत्येक सनातनी का कर्तव्य है कि वह गौ रक्षा के लिए अपना योगदान दे। कार्यक्रम में अखिलेश अवस्थी ने कहा कि राजस्व अभिलेखों में प्रत्येक गांव में गोचर भूमि दर्ज है, लेकिन अब अधिकांश स्थानों पर यह भूमि अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुकी है। इसके कारण गौवंश सड़कों और बाजारों में भटकने को मजबूर है।

दलजीत कौर ने कहा कि हर सनातनी को गौ रक्षा के लिए आगे आना चाहिए और जहां भी संभव हो, गौ प्रतिष्ठा आंदोलन का समर्थन करना चाहिए। इस दौरान मौजूद लोगों ने गौ माता के समर्थन में जयकारे लगाए और आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।दी है।

AJEET KUMAR SINGH
Author: AJEET KUMAR SINGH

अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 3 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

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