आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सफेद कोट सिर्फ एक परिधान नहीं, बल्कि मरीजों के भरोसे, उम्मीदों और जिंदगी की रक्षा की जिम्मेदारी का प्रतीक है। इसी जिम्मेदारी का एहसास लेकर ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज के नवप्रवेशित एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने चिकित्सा जगत में अपना पहला औपचारिक कदम रखा। व्हाइट कोट डोनिंग एवं चरक शपथ ग्रहण समारोह में जब भावी चिकित्सकों ने सफेद कोट धारण किया और सेवा की शपथ ली, तो उनके सामने केवल एक पेशे की शुरुआत नहीं, बल्कि मानवता की सेवा और मरीजों के विश्वास पर खरा उतरने की बड़ी चुनौती भी थी।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 आर0के0 मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 डी0के0 सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ0 आइजेन भट्टाचार्य ने की। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 सौमित्र चक्रवर्ती सहित महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक, संकाय सदस्य एवं चिकित्सक मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ0 आर0के0 मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि “चिकित्सा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। एक चिकित्सक की वास्तविक सफलता उसके ज्ञान और कौशल के साथ-साथ मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, करुणा और समर्पण में निहित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को माता-पिता, गुरुजनों एवं संस्थान के प्रति सम्मान बनाए रखने तथा मरीजों के हित को सदैव सर्वोपरि रखने की सीख दी।”
प्रधानाचार्य डॉ0 आइजेन भट्टाचार्य ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, चिकित्सा शिक्षा की संरचना और संस्थान के भावी लक्ष्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक आदर्श चिकित्सक बनने के लिए अकादमिक ज्ञान के साथ नैतिकता, अनुशासन, संवेदनशीलता और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को चरक शपथ दिलाते हुए चिकित्सा सेवा के उच्च आदर्शों का पालन करने का आह्वान किया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 सौमित्र चक्रवर्ती ने शिक्षण चिकित्सालय की कार्यप्रणाली, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और आमजन को दी जा रही चिकित्सा सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्थान के मूल मंत्र ‘सेवा, ज्ञान एवं दक्षता’ को अपने चिकित्सकीय जीवन का आधार बनाने के लिए प्रेरित किया।
समारोह का मुख्य आकर्षण व्हाइट कोट डोनिंग सेरेमनी रही। मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, प्रधानाचार्य, चिकित्सा अधीक्षक और संकाय सदस्यों ने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को सफेद कोट धारण कराया। इस दौरान सफेद कोट के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया गया कि यह चिकित्सकीय अनुशासन, नैतिकता, विश्वास और मानव सेवा के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
कार्यक्रम में डॉ0 एस0एसp पांडेय, डॉ0 दीप्ति सिंह, डॉ0 दीपिका केसरवानी, डॉ0 मुक्ता सिंह एवं डॉ0 बलवंत नारायण सहित महाविद्यालय के चिकित्सकों और संकाय सदस्य मौजूद रहे।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





