Sonbhadra News : स्वयं सहायता समूहों की मेहनत को मिला ब्रांड, विधायक-डीएम ने किया ‘सोन अर्थ’ लोगो का अनावरण

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आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । अब जनपद की ग्रामीण महिलाओं के हुनर और मेहनत से तैयार उत्पादों को जिले की सीमाओं से बाहर नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद अब ‘सोन अर्थ’ ब्रांड के नाम से बाजार में अपनी दस्तक देंगे। इसके जरिए स्थानीय उत्पादों को न सिर्फ एक विशिष्ट पहचान मिलेगी, बल्कि उन्हें प्रदेश और देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाने का रास्ता भी खुलेगा। गुरुवार शाम रॉबर्ट्सगंज के उरमौरा स्थित डायट परिसर में आयोजित सरस मेले में सदर विधायक भूपेश चौबे, जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने ‘सोन अर्थ’ के लोगो का अनावरण किया।

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में सोनभद्र में तैयार होने वाले स्थानीय उत्पादों को ब्रांडिंग के जरिए बाजार में स्थापित करने की पहल की गई है। अब तक समूहों की महिलाएं अपने हुनर और पारंपरिक कौशल के दम पर विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही थीं, लेकिन उन्हें व्यापक बाजार और अलग व्यावसायिक पहचान दिलाना बड़ी चुनौती थी। ‘सोन अर्थ’ इसी चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश है।

महिलाओं की मेहनत को मिलेगी बाजार में पहचान –

लोगो अनावरण के अवसर पर सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि “स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपनी मेहनत, हुनर और लगन से बेहतर उत्पाद तैयार कर रही हैं। ‘सोन अर्थ’ ब्रांड उनके परिश्रम और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा। इसके माध्यम से उत्पादों को एक अलग पहचान मिलेगी और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। इससे महिलाओं की आमदनी बढ़ने के साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।”

सिर्फ उत्पाद बनाना नहीं, सफल उद्यमी बनाना लक्ष्य –

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि “‘सोन अर्थ’ जनपद की स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए प्रेरणा और प्रोत्साहन का माध्यम बनेगा। एक ब्रांड के तहत उत्पादों को बाजार में उतारने से उनकी पहचान और विश्वसनीयता बढ़ेगी। महिलाओं को उत्पादों के प्रदर्शन, प्रचार-प्रसार और विपणन के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को समूहों से जोड़कर प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और स्वरोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। सरकार की मंशा महिलाओं को केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें छोटे उद्यमों की संचालक और सफल कारोबारी के रूप में स्थापित करना भी है।”

ब्रांडिंग से बढ़ेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत

‘सोन अर्थ’ के जरिए स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक हुनर से तैयार उत्पादों को बेहतर ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन से जोड़ने की योजना है। इससे उत्पादों को बाजार में अलग पहचान मिलने के साथ महिलाओं को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। हालांकि इस पहल की असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ब्रांड के अनावरण के बाद उत्पादों की नियमित बिक्री, गुणवत्ता, पैकेजिंग और बड़े बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कितने प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, एनआरएलएम के उपायुक्त रवीन्द्र वीर सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Anand Kumar Chaubey
Author: Anand Kumar Chaubey

9 years experience in Journalism....

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