सोनभद्र। जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी पंजीकरण के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की झंझट से जल्द ही मरीजों को बड़ी राहत मिलने वाली है। अब मरीज घर बैठे ही आसानी से ऑनलाइन ओपीडी रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे और साथ ही संबंधित अस्पताल में कौन-कौन से विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं, इसकी सटीक जानकारी भी ऑनलाइन ही हासिल कर सकेंगे। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत ‘आभा आईडी’ व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावी बनाने की इस पहल के तहत सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय सभागार में एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें जिलेभर के निजी अस्पतालों के प्रबंधकों, चिकित्सकों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों को प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान डिजिटल मिशन के तहत मरीजों का पंजीकरण करने और उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को ऑनलाइन पोर्टल पर सुरक्षित दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई और यह स्पष्ट किया गया कि यह आधुनिक व्यवस्था सरकारी और निजी दोनों ही तरह के अस्पतालों में अनिवार्य रूप से लागू होगी।
बैठक के दौरान सीएमओ डॉ. रमेश कुमार मिश्र ने इस महत्वाकांक्षी योजना की खूबियों और तकनीकी बारीकियों की जानकारी देते हुए निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों को अपने यहां कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों का संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। इसके साथ ही, अस्पताल में कौन-कौन से चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं और उनकी विशेषज्ञता क्या है, इसका पूरा विवरण भी पोर्टल पर दर्ज करना आवश्यक होगा ताकि कोई भी मरीज घर बैठे इन जानकारियों का लाभ उठा सके। एसीएमओ एवं पंजीयन के नोडल अधिकारी डॉ. गुलाबशंकर ने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था के शुरू होने से मरीजों को घर बैठे ओपीडी पंजीकरण की सुविधा तो मिलेगी ही, साथ ही मरीजों की पैथोलॉजिकल जांच, ऑपरेशन और संपूर्ण उपचार से जुड़ा मेडिकल रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप से ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा, जिससे भविष्य में इलाज के दौरान मरीजों के साथ-साथ चिकित्सकों को भी भारी सहूलियत होगी। आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. कीर्ति आजाद बिंद ने बताया कि जब मरीज अस्पताल में ओपीडी का पंजीकरण कराएंगे, तो वे मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से यह आसानी से देख सकेंगे कि उस वक्त अस्पताल में किस विधा के कौन से डॉक्टर मौजूद हैं। इससे डॉक्टरों की उपलब्धता की पारदर्शी जानकारी मिल सकेगी और मरीज अपनी बीमारी के अनुसार सही अस्पताल और डॉक्टर का चयन कर सकेंगे। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ. शैलेंद्र शील और जिला ग्रीवांस मैनेजर रजत मिश्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य अधिकारी और तमाम चिकित्सक भी मौजूद रहे।
Author: Harsh Vardhan
9 years experience in the field of journalism.






