आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से की सतर्कता बरतने की अपील, आपात स्थिति में 1077 पर दें सूचना
सोनभद्र । जनपद में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। रविवार को जहां अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री और न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं सोमवार को अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान गिरकर 17.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। तापमान में आई गिरावट के बीच मौसम विभाग ने आगामी 28 से 31 अक्टूबर तक सोनभद्र में तेज हवाओं, गरज-चमक, वज्रपात और भारी बारिश की आशंका जताई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने जनपदवासियों को सतर्क रहने और संभावित प्राकृतिक आपदा से बचाव के लिए जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी है।
प्रशासन ने जारी किया 4 दिनों तक गरज चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट –
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वागीश शुक्ला ने बताया कि “भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र लखनऊ की ओर से जारी पूर्वानुमान एवं प्रभाव आधारित चेतावनी के अनुसार बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे निम्न दबाव क्षेत्र के आगामी दिनों में चक्रवाती तूफान में तीव्र होने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश में मौसम बदलने और 28 अक्टूबर से बेमौसम बारिश का एक और दौर शुरू होने का अनुमान है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर को जिले में गरज-चमक और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। वहीं, 29, 30 और 31 अक्टूबर को तेज हवाओं, गरज-चमक और वज्रपात के साथ भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।”
खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें –
जिलाधिकारी चर्चित गोंड एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जनपदवासियों से मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि तेज हवा और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ों, बिजली के खंभों, टिनशेड और कमजोर होर्डिंग के नीचे खड़े होने से बचें। ऐसी स्थिति में किसी सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। बिजली कड़कने के दौरान ऊंचे पेड़ों, खुले स्थानों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
प्रशासन ने नदी, नालों, जलाशयों, बांधों और जलप्रपातों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी है। बारिश के दौरान तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास न करें। कच्चे और जर्जर भवनों में रहने वाले लोग विशेष सावधानी बरतें तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। विद्युत उपकरणों का उपयोग भी सावधानीपूर्वक करने की अपील की गई है।
किसानों को फसल और अनाज सुरक्षित रखने की सलाह –
संभावित बारिश को देखते हुए किसानों को फसलों की कटाई और मड़ाई का कार्य मौसम की स्थिति के अनुसार सावधानीपूर्वक करने की सलाह दी गई है। खुले में रखे अनाज को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखने अथवा उचित ढकाव की व्यवस्था करने को कहा गया है। आकाशीय बिजली की चेतावनी मिलने पर किसान खुले खेतों में काम करने से बचें और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर दें सूचना –
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि मौसम से जुड़ी नवीनतम जानकारी और चेतावनियों के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक माध्यमों के साथ मौसम, दामिनी और मेघदूत ऐप का उपयोग किया जा सकता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 05444-297645 अथवा आपदा हेल्पलाइन 1077 पर सूचना दें।
जनपदवासी अफवाहों से रहे दूर –
एडीएम वागीश शुक्ला ने जनपदवासियों से अफवाहों से दूर रहने और केवल अधिकृत मौसम एवं प्रशासनिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही लोगों से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मौसम विभाग की चेतावनी के अनुरूप आवश्यक सावधानियां बरतने का आग्रह किया गया है।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





