रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र): अधिक लाभ और आकर्षक रिटर्न का झांसा देकर निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप में एक म्यूचुअल बेनिफिट कंपनी के चार निदेशकों के खिलाफ रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय के कड़े आदेश के बाद पुलिस इस बड़े वित्तीय घोटाले की गहन जांच में जुट गई है। मुसही निवासी पीड़ित मोहन ने न्यायालय में दिए गए अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि ‘सिटी म्यूचुअल बेनिफिट इंडिया लिमिटेड’ कंपनी के निदेशक अमित कुशवाहा, कृष्ण प्रकाश, भागीरथी मौर्य और श्याम कुमारी ने लोगों को झांसे में लिया। इन निदेशकों ने अपनी कंपनी के माध्यम से एफडी, आरडी और एमआईएस जैसी लोकलुभावन योजनाओं में भारी ब्याज और बेहतर रिटर्न का लालच देकर क्षेत्र के भोले-भाले लोगों से मोटी रकम जमा करा ली। ठगी के लिए कंपनी का एक शाखा कार्यालय रॉबर्ट्सगंज में खोला गया था, जबकि इसका प्रधान कार्यालय रेणुकूट में संचालित होना बताया गया था।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, मुख्य शिकायतकर्ता मोहन और उसके तमाम सहयोगियों ने बेहतर भविष्य की उम्मीद में अपने रिश्तेदारों एवं परिचितों के साथ मिलकर कंपनी में लाखों रुपये का निवेश किया था। जब जमा की गई राशि की निर्धारित समयावधि पूरी हो गई और निवेशकों ने अपनी परिपक्वता (मैच्योरिटी) राशि की मांग करनी शुरू की, तो कंपनी के संचालकों के हाथ-पांव फूल गए। इसके बाद, अगस्त 2025 में अचानक रॉबर्ट्सगंज स्थित शाखा कार्यालय और रेणुकूट का प्रधान कार्यालय दोनों रातों-रात बंद कर दिए गए और कंपनी के सभी उच्चाधिकारी निवेशकों की गाढ़ी कमाई लेकर फरार हो गए। पीड़ित निवेशकों ने पहले इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई थी, लेकिन वहां से कोई प्रभावी कार्रवाई न होने पर अंततः उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि सीजेएम न्यायालय के आदेश पर संबंधित विधिक धाराओं में चारों नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है।
Author: Harsh Vardhan
7 years experience in the field of journalism.





