रायबरेली। जनपद के बछरावां वन विभाग कार्यालय में तैनात एक वन दरोगा को बृहस्पतिवार दोपहर लखनऊ एंटी करप्शन की टीम ने घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। यह कार्रवाई रेंज कार्यालय में दोपहर करीब 12:40 बजे अंजाम दी गई, जिससे पूरे वन विभाग में हड़कंप मच गया। एंटी करप्शन की टीम ने हालोर गांव के निवासी मोहम्मद सलमान की शिकायत पर जाल बिछाकर डीह क्षेत्र के बरुआहाट गांव निवासी वन दरोगा संजय कुमार यादव को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार किया। वन दरोगा पीड़ित से लकड़ी के परमिट जारी करने के नाम पर 18,000 रुपये की अवैध वसूली कर रहा था।
शिकायतकर्ता मोहम्मद सलमान ने बताया कि वह प्रतिबंधित लकड़ी के परिवहन के लिए दो परमिट बनवाने के प्रयास में थे। वन दरोगा संजय कुमार यादव दोनों परमिट जारी करने के एवज में 18,000 रुपये की मांग कर रहा था और पिछले कई दिनों से घूस देने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। पीड़ित द्वारा घूस न देने पर दरोगा ने उसके खिलाफ बड़ी विभागीय कार्रवाई करने की धमकी भी दी थी। दरोगा के अड़ियल रुख और धमकियों से परेशान होकर पीड़ित ने अंततः लखनऊ एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क कर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एंटी करप्शन की टीम ने योजना तैयार की और तय रणनीति के तहत बृहस्पतिवार को जैसे ही मोहम्मद सलमान ने वन दरोगा संजय यादव को 18,000 रुपये थमाए, वैसे ही पहले से मुस्तैद टीम ने उसे दबोच लिया।
दरोगा को रंगे हाथों पकड़ने के बाद एंटी करप्शन की टीम उसे तुरंत बछरावां कोतवाली लेकर पहुंची। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक वकील कुमार पांडे की तहरीर पर बछरावां कोतवाली में आरोपी वन दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रभारी निरीक्षक वकील कुमार पांडे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वन दरोगा द्वारा प्रति परमिट 9,000 रुपये के हिसाब से कुल दो परमिटों के लिए 18,000 रुपये की रिश्वत वसूली जा रही थी, जिस पर यह सफल कार्रवाई की गई है। बछरावां कोतवाली प्रभारी श्याम कुमार पाल ने बताया कि एंटी करप्शन टीम से प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक व वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





