हर्षवर्धन, सोनभद्र। जनपद में आम जनमानस को बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी क्रम में जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने सुदूर ग्रामीण अंचलों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगवां, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चतरा तथा खलियारी स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कर वहां दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। इस औचक निरीक्षण से ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप का माहौल रहा।

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने चिकित्सालयों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता, आपातकालीन सेवाओं, परिसर की साफ-सफाई तथा ओपीडी व आईपिडी में आने वाले मरीजों को प्रदान की जा रही विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण की कड़ी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने राष्ट्रीय प्रतिरक्षण कार्यक्रम के तहत आयोजित किए जा रहे नियमित टीकाकरण सत्रों का भी विशेष रूप से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित एएनएम और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि क्षेत्र के सभी लक्षित बच्चों और गर्भवती महिलाओं जैसे लाभार्थियों को पूरी तरह समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे कोई भी पात्र इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे। उन्होंने केंद्रों पर रखे गए विभागीय अभिलेखों, प्रसव रजिस्टरों और टीकाकरण कार्डों का गहनता से परीक्षण किया तथा स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाते हुए क्षेत्र में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने साफ कहा कि नवजातों और माताओं के स्वास्थ्य को लेकर किसी भी स्तर पर कोताही अक्षम्य होगी।
स्वास्थ्य केंद्रों के इस सघन निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कड़े तेवर दिखाते हुए संबंधित चिकित्सा अधिकारियों, फार्मासिस्टों और अन्य कर्मचारियों को दोटूक हिदायत दी कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन और मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता कतई न बरती जाए। अस्पताल में आने वाले हर एक गरीब व असहाय मरीज को समय पर बेहतर उपचार, मुफ्त दवाएं और सभी अनुमन्य सरकारी सुविधाएं सम्मानपूर्वक उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने प्रभारियों को नियमित रूप से वार्डों और ओपीडी की निगरानी करने तथा स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लगातार सुदृढ़ बनाए रखने पर जोर दिया। सीएमओ ने चेतावनी भरे लहजे में स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में निरीक्षण के दौरान ड्यूटी से गायब रहने, दवाओं के बाहर से लिखे जाने या परिसर में गंदगी पाए जाने जैसी कोई भी शिकायत मिलती है, तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध सीधे कठोर अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
Author: Vinod Garg
2 years experience in the field of journalism.






