सोनभद्र में आपदा से बचाव के लिए जिला प्रशासन की बड़ी मुहिम: जलाशयों और बांधों के किनारे लगाए जा रहे चेतावनी स्लोगन, दुर्घटनाओं की रोकथाम पर विशेष जोर

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हर्षवर्धन, सोनभद्र। जिले में मानसून के आगमन और जल स्रोतों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन संभावित हादसों को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशन में जनपद के विभिन्न जलाशयों, बांधों, नदियों एवं अन्य गहरे जल स्रोतों के आसपास संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा जनसामान्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष आपदा प्रबंधन एवं जन-जागरूकता अभियान युद्ध स्तर पर संचालित किया जा रहा है। इस जीवन-रक्षक अभियान के अंतर्गत जिले के सभी प्रमुख जलाशयों और बांधों के संवेदनशील व खतरनाक किनारों पर विशेष चेतावनी एवं जनजागरूकता संबंधी स्लोगनयुक्त बड़े-बड़े सूचना पट्ट (साइन बोर्ड) स्थापित किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों, सैलानियों और राहगीरों को जल स्रोतों के समीप बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के प्रति समय रहते सचेत और जागरूक करना है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

जिला प्रशासन द्वारा स्थापित किए जा रहे इन सूचना पट्टों पर लिखे गए मार्मिक और सतर्क करने वाले स्लोगनों के माध्यम से आम जनता को गहरे पानी में उतरने से मना किया जा रहा है। इसके साथ ही असुरक्षित व प्रतिबंधित स्थानों पर स्नान न करने, सेल्फी आदि लेने के चक्कर में जोखिम न उठाने तथा बांधों व जलाशयों के ढलान वाले किनारों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सख्त सलाह दी जा रही है। इस अभियान में विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को लक्षित करते हुए उन्हें गहरे पानी से दूर रहने और विशेष सतर्कता बरतने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, क्योंकि अक्सर खेल-खेल में या लापरवाही के कारण युवा वर्ग ही ऐसी दुर्घटनाओं का शिकार होता है। प्रशासन का यह भगीरथ प्रयास जिले में संभावित डूबने की दुखद घटनाओं को पूरी तरह शून्य पर लाने और आपदा जोखिम को न्यूनतम करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है।

इस विशेष सुरक्षा अभियान को लेकर जिला प्रशासन ने समूचे सोनभद्र वासियों से एक भावुक और जिम्मेदार अपील भी जारी की है। प्रशासन ने कहा है कि जल स्रोतों के किनारे लगाए गए इन चेतावनी संकेतों और सरकारी निर्देशों का अक्षरशः पालन करें। लोग स्वयं को सुरक्षित रखते हुए अपने परिवार, बच्चों और आसपास के अन्य लोगों को भी गहरे पानी के खतरों के प्रति लगातार जागरूक करें। यदि किसी भी बांध या जलाशय के समीप कोई बच्चा या व्यक्ति असुरक्षित तरीके से पानी के करीब जाता दिखाई दे, तो उसे तत्काल रोकें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय पुलिस को भी इन क्षेत्रों में लगातार गश्त करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जनपद में जल जनित किसी भी प्रकार की आपदा या जनहानि को पूरी तरह रोका जा सके।

Vinod Garg
Author: Vinod Garg

2 years experience in the field of journalism.

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