राम मंदिर दान विवाद में नया मोड़: पीएमओ तक पहुंची करोड़ों की हेराफेरी की शिकायत, नृपेंद्र मिश्र की गोपनीय अयोध्या बैठक से सियासी गलियारों में मची हलचल

SHARE:

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे की राशि में करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी का मामला अब देश के सर्वोच्च स्तर यानी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गया है, जिससे इस पूरे प्रकरण ने एक नया और बेहद गंभीर मोड़ ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता डॉ. रजनीश सिंह ने इस कथित वित्तीय अनियमितता के संबंध में सीधे प्रधानमंत्री को एक विस्तृत शिकायती पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की पुरजोर मांग की है। डॉ. सिंह ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि श्रीराम मंदिर दुनिया भर के करोड़ों सनातन धर्मियों की अटूट आस्था का मुख्य केंद्र है, इसलिए दान, चढ़ावे और मंदिर प्रशासन से जुड़े किसी भी आरोप की पारदर्शी जांच होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने लिखा कि यदि ये आरोप गलत हैं तो जांच के माध्यम से दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए, और यदि कहीं कोई वास्तव में विसंगति या भ्रष्टाचार हुआ है तो दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई हो जो एक नजीर बने, क्योंकि श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि है और उसे बनाए रखने के लिए हर स्तर पर पारदर्शिता जरूरी है।

इस बड़े विवाद के बीच राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्र सोमवार को अचानक बेहद संवेदनशील माहौल में अयोध्या पहुंचे, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अयोध्या पहुंचते ही उन्होंने बंद कमरे में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों और मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े प्रमुख अधिकारियों के साथ एक मैराथन समीक्षा बैठक की। इस बैठक को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था और इसकी कार्यसूची या इसमें हुई चर्चा को लेकर कोई भी आधिकारिक जानकारी मीडिया में सार्वजनिक नहीं की गई, जिसके बाद मंगलवार सुबह वह वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मंदिर में दान राशि को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों और उसके तुरंत बाद नृपेंद्र मिश्र के इस बेहद गोपनीय दौरे को सत्ता के गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है, और ऐसी चर्चाएं आम हैं कि मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं और इस हालिया घटनाक्रम पर एक विस्तृत व गोपनीय रिपोर्ट तैयार होकर अब शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच सकती है।

दूसरी तरफ, इस पूरे मामले को लेकर विपक्षी दल भी सरकार और मंदिर ट्रस्ट पर हमलावर हो गए हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोलते हुए इसे दुनिया भर के राम भक्तों के लिए एक बेहद संवेदनशील और गंभीर विषय बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि राम मंदिर के दान से करोड़ों रुपये गायब होने की खबरें सामने आना बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। सपा प्रमुख ने इस गंभीर मुद्दे पर मंदिर ट्रस्ट और सरकार द्वारा साधी गई चुप्पी पर बड़े सवाल खड़े करते हुए कहा कि इतनी बड़ी विसंगति के बाद भी जिम्मेदार लोगों की यह रहस्यमयी चुप्पी अत्यंत संदिग्ध प्रतीत होती है। उन्होंने देश की शीर्ष अदालत से भी इस संवेदनशील मामले का स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह करते हुए कहा कि जनता और भक्तों के पैसों का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए, लेकिन इस शर्मनाक स्थिति में कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति आगे आकर स्पष्टीकरण देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है, जिससे यह पूरा मामला अब केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित न रहकर जवाबदेही और पारदर्शिता के बड़े यक्ष प्रश्न के रूप में केंद्र में आ गया है।

AJEET KUMAR SINGH
Author: AJEET KUMAR SINGH

अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

Leave a Comment

Most Recent

Follow Us Now