लखनऊ। राजधानी में स्वाइन फ्लू का प्रकोप लगातार गहराता जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। लखनऊ में स्वाइन फ्लू के तीन नए मामले सामने आए हैं। इनमें से दो मरीज बलरामपुर अस्पताल के विशेष स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती हैं, जबकि एक मरीज का इलाज डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान में चल रहा है। प्रभावित मरीजों में इंदिरानगर और आदिलनगर के निवासी शामिल हैं, जिन्हें शुरुआती दौर में सर्दी-जुकाम, बुखार और गले में खराश की शिकायत थी। निरालानगर स्थित निजी पैथोलॉजी में जांच के दौरान स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने और सांस लेने में तकलीफ बढ़ने पर परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी के अनुसार मरीजों में फिलहाल हल्के लक्षण हैं और स्थिति नियंत्रण में है, वहीं लोहिया संस्थान में भर्ती मरीज की हालत में भी सुधार दर्ज किया गया है।
इसी बीच संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में भी बीते 15 दिनों के भीतर स्वाइन फ्लू और कोरोना के कुल 16 मरीज पाए गए हैं, जिनमें आठ-आठ रोगी दोनों बीमारियों से संक्रमित हैं। एसजीपीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. रूंगमेई एसके मारक ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण इन्फ्लुएंजा का खतरा बढ़ा है और भर्ती मरीजों में से आधे से अधिक की पुष्टि ऑपरेशन से पूर्व कराई गई अनिवार्य जांच के दौरान हुई है, जबकि शेष मरीजों की पुष्टि ओपीडी में लक्षणों के आधार पर की गई। संस्थान प्रशासन ने सभी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को प्रेषित कर दी है।
बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने आम जनता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0522-2622080 जारी किया है और अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में इस पर संपर्क किया जा सकता है। सीएमओ ने लोगों से ताकीद की है कि बुखार, जुकाम अथवा खांसी जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर डॉक्टरी परामर्श लें तथा खुद से दवा खाने या किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति से इलाज कराने से पूरी तरह बचें।
Author: Navhind Samachar
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