मानवेंद्र मिश्रा, लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नए वित्तीय वर्ष (2026-27) के आगाज के साथ ही आबकारी विभाग ने शराब की दुकानों के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इस बार देसी शराब के फुटकर विक्रेताओं के लिए कड़े निर्देश हैं, जबकि अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानों के लिए नियम थोड़े लचीले रखे गए हैं।
देसी शराब विक्रेताओं को 5 दिन की मोहलत:
आबकारी विभाग के अनुसार, जिन देसी शराब की दुकानों का लाइसेंस रिन्यू (नवीनीकरण) हुआ है, उन्हें अपना पिछला स्टॉक खत्म करने के लिए 5 अप्रैल तक का समय दिया गया है।
अंग्रेजी शराब पर बाध्यता नहीं: इसके विपरीत, अंग्रेजी शराब की जिन दुकानों का रिन्यूअल हो चुका है, वे अपना पुराना स्टॉक आगे भी बेचना जारी रख सकेंगी। उनके लिए स्टॉक खत्म करने की कोई समय सीमा तय नहीं की गई है।
छूट का लाभ नहीं: पिछले साल रिन्यूअल न होने के कारण मार्च अंत में भारी डिस्काउंट दिया गया था, लेकिन इस बार दुकानों के रिन्यूअल होने के चलते ग्राहकों को ‘सेल’ या ‘छूट’ जैसी उम्मीदें छोड़नी होंगी।
महंगी होगी देसी शराब, अन्य के दाम स्थिर
नई नीति के तहत राजस्व बढ़ाने के लिए ड्यूटी में बदलाव किया गया है:
ड्यूटी में वृद्धि: 36 प्रतिशत तीव्रता (स्ट्रेंथ) वाली देसी शराब की ड्यूटी ₹165 से बढ़ाकर ₹173 प्रति लीटर कर दी गई है।
कीमतों पर असर: इस बदलाव के कारण देसी शराब के पव्वों और बोतलों के दाम में ₹5 तक का इजाफा होने की संभावना है। हालांकि, अन्य चार श्रेणियों की धारिता वाली शराब के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इन 6 शहरों में खुलेंगे नए ‘लो-अल्कोहलिक’ बार
सरकार ने पर्यटन और राजस्व को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के छह प्रमुख शहरों में लो अल्कोहलिक स्ट्रेंथ बिवरेजेज (LASB), बीयर और वाइन के बार खोलने की अनुमति दी है। ये शहर हैं:
- लखनऊ
- गौतमबुद्धनगर (नोएडा)
- गाजियाबाद
- आगरा
- वाराणसी
- प्रयागराज
निर्यात पर जोर और ई-लॉटरी
आगामी वित्तीय वर्ष में केवल उन्हीं दुकानों का आवंटन ई-लॉटरी के जरिए होगा जिनका रिन्यूअल नहीं हुआ है। साथ ही, शराब के निर्यात (Export) को सुगम बनाने के लिए कई सहूलियतें दी गई हैं ताकि प्रदेश के राजस्व में और बढ़ोतरी की जा सके।
Author: NAV HIND SAMACHAR
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