आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । दीपावली का पर्व खुशियों, रोशनी और अपनों के बीच मुस्कान बांटने का त्योहार है। ऐसे में सोनभद्र पुलिस ने भी 151 परिवारों की दीपावली को यादगार बना दिया। महीनों पहले गुम हुए मोबाइल फोन वापस मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के लिए पुलिस की यह पहल किसी दीपावली के बड़े उपहार से कम नहीं रही। पुलिस ने करीब 27 लाख रुपये कीमत के 151 खोए और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए। मोबाइल हाथ में आते ही लोगों के चेहरे खिल उठे और उनके लिए इस बार की दीपावली की खुशियां दोगुनी हो गईं।
मामले की जानकारी देते हुए सीओ सिटी रणधीर मिश्रा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रूणवाल के मार्गदर्शन में जनपद पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत सर्विलांस सेल, एसओजी टीम और जनपद के समस्त थानों की संयुक्त टीमों ने तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए सीईआईआर (CEIR) पोर्टल के माध्यम से सितंबर 2026 से अब तक कुल 151 गुमशुदा मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए। इन मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत लगभग 27 लाख रुपये बताई गई है।
खोई उम्मीद के बीच मिला दीपावली का तोहफा –
बरामद मोबाइल फोन को आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किया गया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा ने लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल फोन सौंपे। लंबे समय से मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए यह पल बेहद खास रहा। किसी को अपना कीमती मोबाइल वापस मिला तो किसी के लिए पुलिस की यह पहल दीपावली का सबसे यादगार उपहार बन गई। मोबाइल पाकर लोगों ने सोनभद्र पुलिस के प्रति आभार जताया।
मोबाइल बरामदगी में सोनभद्र पुलिस का जलवा, छह माह से टॉप-5 में बरकरार –
सोनभद्र पुलिस ने खोए और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जनवरी 2026 से अब तक पुलिस ने करीब 2 करोड़ 87 लाख रुपये कीमत के कुल 1,594 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंपे हैं। इतना ही नहीं, सीईआईआर (CEIR) पोर्टल के माध्यम से मोबाइल बरामदगी के मामले में सोनभद्र पुलिस विगत छह माह से लगातार प्रदेश के टॉप-5 रैंक में अपनी जगह बनाए हुए है।
तकनीक और टीमवर्क से मिली बड़ी सफलता –
पुलिस की इस सफलता के पीछे सर्विलांस सेल, एसओजी और जनपद के विभिन्न थानों की संयुक्त मेहनत रही। सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से मोबाइल फोन की तकनीकी निगरानी और लगातार मॉनिटरिंग कर उन्हें ट्रेस किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में कितना कारगर हो सकता है।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





