आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । नवीन सब्जी मंडी में अतिक्रमण हटाने के नाम पर मंडी विभाग की बुलडोजर कार्यवाही अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। बिना पूर्व सूचना और वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था किए दुकानों एवं झोपड़ियों को ध्वस्त किए जाने से नाराज लाइसेंसधारी आढ़तियों और फुटकर दुकानदारों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। भूतपूर्व ब्लॉक प्रमुख रमेश मिश्रा की अगुवाई में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर उजड़ी दुकानों को फिर से व्यवस्थित कराने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का आरोप है कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से नवीन सब्जी मंडी में अपनी दुकानें और आढ़त संचालित कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। इस दौरान किसी तरह की शिकायत भी सामने नहीं आई थी। बावजूद इसके, बीते 14 अक्टूबर को मंडी विभाग के अधिकारी अचानक पहुंचे और बिना कोई पूर्व सूचना दिए उनकी झोपड़ियों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। व्यापारियों का कहना है कि कार्यवाही के दौरान दुकानों में रखा सामान भी नष्ट हो गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अब उनके सामने परिवार की रोजी-रोटी चलाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
गौरतलब है कि दीपावली का त्योहार नजदीक है। बाजारों में जहां चारों तरफ रौनक और खुशियों की बहार दिखाई दे रही है, वहीं नवीन सब्जी मंडी के फुटकर व्यापारियों के घर इस बार त्योहार की खुशियों पर रोजी-रोटी का संकट भारी पड़ता नजर आ रहा है। जिन दुकानों के सहारे वर्षों से उनके परिवारों का चूल्हा जलता था, मंडी विभाग की बुलडोजर कार्यवाही में वे दुकानें उजड़ गईं। अब न कारोबार बचा है और न ही परिवार के भरण-पोषण का कोई दूसरा सहारा। इसी दर्द को लेकर गुरुवार को व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि साहब! दुकानें तो उजाड़ दी गईं, अब हमें कहीं जगह दिला दीजिए, ताकि दीपावली पर हमारे घरों में भी चूल्हा जल सके। व्यापारियों ने मंडी परिसर में ही वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने अथवा अस्थायी रूप से खाली जमीन पर दुकान लगाने की अनुमति देने की मांग की।
20 साल का कारोबार उजड़ा, अब रोजी-रोटी का संकट –
व्यापारियों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के नाम पर उन्हें पूरी तरह बेरोजगार जैसी स्थिति में पहुंचा दिया गया है। उनका सवाल है कि यदि मंडी विभाग को अतिक्रमण हटाना ही था तो पहले दुकानदारों को सूचना देकर उनके लिए वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? आखिर वर्षों से कारोबार कर रहे दुकानदारों को बिना किसी पूर्व तैयारी के सड़क पर छोड़ देना कहां तक उचित है?
ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने मांग की कि फुटकर फल एवं सब्जी विक्रेताओं को मंडी परिसर के भीतर ही किसी उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाए, ताकि वे दोबारा अपना कारोबार शुरू कर सकें। इसके बदले विभाग जो भी उचित मासिक शुल्क निर्धारित करे, उसे जमा करने के लिए वे तैयार हैं। व्यापारियों ने यह भी कहा कि जब तक मंडी के अंदर स्थायी स्थान उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक उन्हें रास्ते से नीचे खाली पड़ी जमीन पर दुकान लगाने की अस्थायी अनुमति दी जाए।
दीपावली से पहले उजड़ा कारोबार, परिवार के सामने भुखमरी का संकट –
व्यापारियों ने कहा कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार के समय उनका कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ऐसे में परिवार का खर्च चलाना और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंडी विभाग जब भी उन्हें परिसर के भीतर निर्धारित स्थान पर शिफ्ट करेगा, वे तत्काल अपनी अस्थायी दुकानें हटाकर वहां चले जाएंगे और निर्धारित शुल्क भी बिना देरी जमा करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान ये व्यापारी रहे मौजूद –
प्रदर्शन के दौरान राकेश कुमार, दिलीप, प्रभाष, किशन सोनकर, राजकुमार, रोहित सोनकर, अंशु केशरी, शेरु लाल, तेजबली, राज्जू सिंह मौर्या, दिनेश कुमार जायसवाल, सुभाष, असगर अली (छोटू) और अनिल सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





