आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• वध के लिए बंगाल भेजे जा रहे 25 गोवंश कराए गए मुक्त
सोनभद्र । गोवंश तस्करी के लिए तस्करों ने जंगलों और पहाड़ों को ही रास्ता बना लिया था। पुलिस और कानून की नजरों से बचने के लिए वाहनों के बजाय गोवंशों को पैदल हांककर बिहार पहुंचाया जा रहा था। वहां से इन्हें पश्चिम बंगाल में वध के लिए भेजने की योजना थी। रविवार की भोर थाना कोन पुलिस ने तस्करी के इसी कथित नेटवर्क पर बड़ी चोट करते हुए 25 गोवंशों को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से एक तस्कर गिरफ्तार किया गया, जबकि चार अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में गोवंशों की खरीद से लेकर उनके बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल पहुंचाए जाने तक का पूरा तरीका सामने आया है।
पुलिस को अचानक सामने देख तस्करों में मची अफरा-तफरी –
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में गोवंश तस्करी और अवैध परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्यवाही की गई। अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मेविस टॉक और क्षेत्राधिकारी ओबरा प्रभात राय के पर्यवेक्षण में थाना कोन पुलिस टीम रविवार की भोर में रात्रि गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ तस्कर भारी संख्या में गोवंशों को क्रूरतापूर्वक मारते-पीटते हुए पैदल बिहार की ओर ले जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने अमिलाधाम गरवान मार्ग स्थित बहदौरा झरिया के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस को सामने देखकर तस्करों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान चार आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, जबकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मौके से आठ बैल, तीन बछड़े, आठ गाय और छह बछिया समेत कुल 25 गोवंश बरामद किए गए।
बेलछ में जुटाए जाते थे गोवंश, फिर जंगल के रास्ते बिहार तक पहुंचाने का खेल –
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राम विचार (45वर्ष) पुत्र स्वर्गीय मनोहर, निवासी ग्राम बेलछ, थाना चोपन के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि राबर्ट्सगंज और घोरावल थाना क्षेत्रों के अलावा मिर्जापुर जनपद की सीमा से सटे ग्रामीण इलाकों से कम कीमत पर गोवंश खरीदे जाते थे। इसके बाद उन्हें चोपन थाना क्षेत्र के बेलछ गांव में एकत्रित किया जाता था।
गोवंशों को बिहार पहुंचाने के लिए बाकायदा जंगल और पहाड़ी रास्तों का इस्तेमाल किया जाता था। वाहनों से परिवहन करने के बजाय उन्हें पैदल हांककर चेरुईगरवान, अमिलाधाम के नीचे से मुहअना जंगल होते हुए बैजनाथे के रास्ते बिहार ले जाया जाता था। वहां पहुंचने के बाद गोवंशों को व्यापारियों के हाथों बेच दिया जाता था। गिरफ्तार आरोपी के बयान के मुताबिक, बिहार के व्यापारी इन्हें वध के लिए पश्चिम बंगाल भेजते थे। इस खुलासे के बाद पुलिस अब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुट गई है।
एक गिरफ्तार, चार की तलाश तेज –
मामले में थाना कोन पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5ए/8 में मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। वहीं मौके से फरार चार आरोपियों की तलाश के साथ ही इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
ये पुलिसकर्मी रहे शामिल –
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा, चकरिया चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक शिवप्रकाश यादव और रानीडीह चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक मूरली यादव पुलिस टीम के साथ शामिल रहे।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





