आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं का विरोध तेज हो गया है। रविवार को सपा जिला सचिव प्रमोद यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने साइकिल यात्रा निकालकर मतदाता सूची में नाम काटे जाने के आरोपों पर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान सपा जिला सचिव प्रमोद यादव ने आरोप लगाया कि “SIR की प्रक्रिया के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विशेष रूप से पीडीए समाज से जुड़े मतदाताओं के नाम काटे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। प्रमोद यादव ने कहा कि सपा कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर साइकिल यात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कलम से ही तो वतन बिकेगा, नाम कटा तो वोट बिकेगा और वोट गया तो लोकतंत्र मारेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का निष्पक्ष और पारदर्शी होना बेहद जरूरी है।
सपा नेता ने आरोप लगाया कि प्रारूप-6 समेत मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में हैं, उनके नाम हटाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन और संबंधित मतदाता को पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े प्रत्येक मामले की शिकायतों का निष्पक्ष तरीके से निस्तारण होना चाहिए।”
प्रदर्शन के दौरान सपा नेता ने प्रदेश सरकार को रोजगार और शिक्षा के मुद्दे पर भी घेरा। उन्होंने पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज का आरोप लगाते हुए कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें दूसरे काम करने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने भाजपा सरकार की रोजगार नीतियों और उपमुख्यमंत्री के कथित बयानों पर भी सवाल उठाए।
हालांकि, सपा नेताओं की ओर से लगाए गए मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने और अनियमितता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, निर्वाचन आयोग की आधिकारिक व्यवस्था के तहत SIR से संबंधित मतदाता अपना नाम खोजने, नोटिस का जवाब देने, आवश्यक दस्तावेज जमा करने, आवेदन की स्थिति देखने और अपील जैसी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने अथवा हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उनका कहना था कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदान का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों के शीघ्र और निष्पक्ष समाधान की मांग की।






