सोनभद्र। दुबई में रह रहे सगे भाई के नाम की फर्जी पावर ऑफ अटार्नी तैयार कर करोड़ों की जमीन दूसरे के नाम बेचने के मामले में बिहार पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। मामले में नामजद और लंबे समय से फरार चल रही तीन सगी बहनों की गिरफ्तारी के लिए बिहार की डेहरी नगर (रोहतास) थाने की पुलिस टीम सोनभद्र पहुंची। बिहार पुलिस ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के नई बाजार स्थित संभावित ठिकानों पर स्थानीय पुलिस के साथ ताबड़तोड़ दबिश दी, हालांकि आरोपी बहनें पुलिस के हाथ नहीं लगीं। अब पुलिस सोनभद्र के अलावा पड़ोसी जिले मिर्जापुर और आसपास के क्षेत्रों में उनके संभावित ठिकानों पर सुराग लगा रही है। लगातार फरारी को देखते हुए रोहतास की अदालत ने तीनों भगोड़ी बहनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब मूल रूप से रोहतास जिले के बराढ़ी गोला और वर्तमान में सोनभद्र के अनपरा (नूनिया मोहल्ला) निवासी नूरुल आफरीन ने फरवरी 2024 में डेहरी थाने में केस दर्ज कराया था। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि उसके भाई जैनुल आब्दीन तथा बहनों शबिया सुल्ताना, फरीदा सुल्ताना और रईशा बेगम ने एक प्रॉपर्टी डीलर अफरोज आलम की साठगांठ से फर्जी पावर ऑफ अटार्नी तैयार कराई। इसके आधार पर भाई के हिस्से की बेशकीमती जमीन सासाराम की रिंकू देवी के नाम रजिस्ट्री कर दी गई। पुलिस जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि जिस समय पावर ऑफ अटार्नी निष्पादित कराई गई थी, उस वक्त आब्दीन दुबई में मौजूद था। मामले में आरोपी भाई अदालत से जमानत हासिल कर चुका है, जबकि तीनों बहनें लगातार फरार चल रही हैं। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली के अपराध निरीक्षक डीपी यादव ने बताया कि सूचना मिलने पर बिहार पुलिस टीम के साथ दबिश दी गई थी, परंतु आरोपी मौके पर नहीं मिलीं। पुलिस द्वारा आरोपियों की संभावित ठिकानों पर तलाश जारी है।
Author: Harsh Vardhan
9 years experience in the field of journalism.






