आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । नगवां विकास खंड के देवहार गांव में 23 सितंबर को आदिवासी युवक लक्ष्मी खरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। मृतक के परिजनों ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, जिला कांग्रेस कमेटी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए पुलिस और एनजीओ की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
मृतक के भाई लक्ष्मण खरवार का आरोप है कि घटना वाले दिन निजी एनजीओ हंस फाउंडेशन की एंबुलेंस गांव में निशुल्क दवा वितरण के लिए पहुंची थी। उसका भाई लक्ष्मी भी दवा लेने गया था, जहां दवा देने को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसके कुछ समय बाद मांची थाने की पुलिस उसके घर पहुंची और लक्ष्मी के साथ मारपीट की तथा गांव से चले जाने की धमकी दी। लक्ष्मण के मुताबिक, कथित धमकी से भयभीत होकर लक्ष्मी रात में दूसरे घर में सोने चला गया। अगले दिन उसका शव फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने आशंका जताई है कि उसकी हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया गया, ताकि मामला आत्महत्या का प्रतीत हो।
घटना के बाद बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल देवहार गांव पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली तथा न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
वहीं जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड ने आरोप लगाया कि “युवक की मौत के मामले में पुलिस और एनजीओ की भूमिका की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि गरीब आदिवासी युवक के साथ कथित मारपीट और धमकी के बाद उसकी संदिग्ध मौत गंभीर मामला है। कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की सीबीआई अथवा उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस ने मामले की सीबीआई अथवा उच्चस्तरीय न्यायिक जांच, मांची थाने के संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर दोष सिद्ध होने पर निलंबन एवं मुकदमा दर्ज करने, हंस फाउंडेशन की भूमिका की जांच तथा दोष पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की है।”
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रदेश सचिव ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, शहर अध्यक्ष फरीद अहमद, प्रदेश पब्लिसिटी एवं मीडिया प्रवक्ता संगीता श्रीवास्तव, ब्लॉक अध्यक्ष उदय लड्डू पांडेय, वरिष्ठ कांग्रेसी एवं पूर्व जिला प्रवक्ता गोपाल पाठक समेत अन्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान विजेंदर खरवार, लक्ष्मण खरवार, रामचंद्र खरवार, अशोक, रामशिला, सुदर्शन, राजवंश, रामविलास, राजकुमार, बुद्ध, नारायण समेत ग्रामीण भी मौजूद रहे।





