आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• 25 सितंबर से 24 नवंबर तक रहेगी निषेधाज्ञा, बिना अनुमति जुलूस-धरना और प्रदर्शन पर रोक
• सोशल मीडिया पर भ्रामक व भड़काऊ सामग्री पर कड़ी निगरानी, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्यवाही
सोनभद्र । आगामी पर्व-त्योहारों, महत्वपूर्ण प्रतियोगी एवं शैक्षणिक परीक्षाओं तथा विभिन्न संगठनों के धरना-प्रदर्शन को देखते हुए जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा-163 (2) के तहत जिले के सम्पूर्ण क्षेत्र में 25 सितंबर 2026 से 24 नवंबर 2026 तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
जिलाधिकारी ने आदेश में कहा है कि आगामी पर्व-त्योहारों और विभिन्न आयोजनों के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। साथ ही महत्वपूर्ण परीक्षाओं के दौरान शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण बनाए रखना भी प्रशासन की प्राथमिकता है।
बिना अनुमति सभा-जुलूस पर रोक –
धारा-163 के तहत जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट या संबंधित उप जिलाधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी व्यक्ति या समूह द्वारा सभा, धरना-प्रदर्शन अथवा जुलूस आयोजित नहीं किया जा सकेगा। धार्मिक मेले, बारात और शव यात्राओं को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।
हथियार और ज्वलनशील सामग्री पर प्रतिबंध –
सार्वजनिक स्थानों पर अस्त्र-शस्त्र, आग्नेयास्त्र, विस्फोटक अथवा ज्वलनशील पदार्थ लेकर चलने या उन्हें एकत्र करने पर रोक रहेगी। सभा, जुलूस और रैलियों में लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर अथवा ऐसी अन्य सामग्री ले जाना भी प्रतिबंधित रहेगा, जिसका इस्तेमाल कानून व्यवस्था प्रभावित करने में किया जा सकता है।
भड़काऊ नारे और प्रचार सामग्री पर नजर –
पोस्टर, पंपलेट, पर्चे, सोशल मीडिया और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से ऐसी सामग्री का प्रचार-प्रसार या नारेबाजी नहीं की जा सकेगी, जिससे किसी वर्ग, जाति या समुदाय के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना हो।
सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर –
फेसबुक, व्हाट्सएप समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर झूठी, भ्रामक, उत्तेजनात्मक अथवा अफवाह फैलाने वाली सामग्री के प्रसार पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी। सोशल मीडिया ग्रुप एडमिन को भी ऐसे कंटेंट के प्रसार को रोकने और किसी सदस्य द्वारा आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट किए जाने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ेगी सतर्कता –
मदिरा की दुकानों एवं बार के आसपास पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था के साथ अराजक और आपराधिक तत्वों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, प्रमुख मार्गों, बाजारों और चौराहों पर भी आवश्यक पुलिस प्रबंध सुनिश्चित किया जाएगा।
जाम लगाने और सरकारी कार्य में बाधा पर रोक –
किसी व्यक्ति या समूह द्वारा यातायात जाम करने अथवा यातायात व्यवस्था बाधित करने की अनुमति नहीं होगी। सरकारी अथवा गैर-सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी पर जाने से रोकना भी प्रतिबंधित रहेगा। सार्वजनिक स्थानों और दीवारों पर आपत्तिजनक पोस्टर लगाने तथा तनाव पैदा करने वाले पर्चे-पंपलेट वितरित करने पर भी रोक रहेगी।
पुतला दहन सहित अन्य प्रदर्शनों पर प्रतिबंध –
किसी राजनीतिक दल या अभ्यर्थी द्वारा अन्य राजनीतिक दलों के सदस्यों अथवा नेताओं के पुतले लेकर चलने, सार्वजनिक स्थान पर पुतला दहन करने तथा इस प्रकार के अन्य प्रदर्शनों पर भी प्रतिबंध रहेगा।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निषेधाज्ञा का कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से पर्व-त्योहारों और परीक्षाओं के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।






