विंढमगंज में जिगरी दोस्त ने ही की थी रजनीकांत की नृशंस हत्या, पत्नी से प्रेम-प्रसंग के शक में चला चापड़, हत्या के 8 घंटे के अन्दर ही कातिल गिरफ्तार

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सोनभद्र। जनपद के विंढमगंज थाना क्षेत्र में कल हुई एक सनसनीखेज हत्या की वारदात का पुलिस ने महज 8 घंटे के भीतर चौंकाने वाला खुलासा कर दिया है। जिस युवक का शव जंगल के पास मिला था, उसकी हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही सबसे पक्के और जिगरी दोस्त ने कुल्हाड़ी (चापड़) से काटकर की थी। हत्या की इस खौफनाक वारदात के पीछे पत्नी के साथ अवैध संबंधों और प्रेम-प्रसंग का बेहद पेचीदा मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारोपी पति को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खून से सना आला कत्ल, मृतक का कीमती मोबाइल फोन और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं। इस त्वरित और सफल अनावरण की विस्तृत जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल ने एक प्रेस वार्ता के दौरान साझा की। उन्होंने बताया कि यह कामयाबी पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के कड़े निर्देशन, उनके स्वयं के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी दुद्धी राजेश कुमार राय के नेतृत्व और थानाध्यक्ष विंढमगंज संतोष कुमार सिंह की टीम की तत्परता से मिली है।

इस पूरे रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की शुरुआत 4 जून 2026 को हुई, जब विंढमगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम जोरूखाड़ के सुनसान इलाके में एक 24 वर्षीय युवक का लहूलुहान शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की शिनाख्त विंढमगंज के ही ग्राम पतरिया निवासी रजनीकांत पुत्र अश्वनी गोंड के रूप में हुई।

घटनास्थल के बिल्कुल नजदीक ही मृतक की हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (संख्या UP 64 B 3004) भी लावारिस हालत में खड़ी पाई गई थी। घटना की भयावहता को देखते हुए पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तत्काल मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम और स्थानीय पुलिस ने साक्ष्य संकलन शुरू किया। क्षेत्राधिकारी दुद्धी राजेश कुमार राय ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए फौरन पुलिस की कई विशेष टीमों का गठन किया और सुराग तलाशने के निर्देश दिए। परिजनों की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 238(A) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ाया।

मामले को सुलझाने के लिए विंढमगंज पुलिस ने स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ-साथ सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों (सीडीआर) का सहारा लिया। कड़ियों से कड़ियां जुड़ती गईं और घटना के मात्र 8 घंटे के भीतर ही पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर टहानिया खोली स्थित सुनील प्रजापति के एक खाली पड़े मकान के पास घेराबंदी की। वहां से पुलिस ने संदेही दिनेश पुत्र जीत सिंह, उम्र करीब 24 वर्ष, निवासी ग्राम केवाल, थाना विण्ढमगंज को दबोच लिया। जब पुलिस ने दिनेश को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की, तो उसने जो सच उगला उसे सुनकर पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए। दिनेश ने कुबूल किया कि मृतक रजनीकांत उसका सबसे पक्का और जिगरी दोस्त था। लेकिन कुछ समय पहले दिनेश को पता चला कि रजनीकांत का उसकी पत्नी के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा है। इस बात को लेकर दिनेश के मन में अपने दोस्त के प्रति गहरी रंजिश और नफरत पैदा हो गई थी और उसने रजनीकांत को रास्ते से हटाने का खौफनाक मंसूबा बना लिया।

अपनी योजना के मुताबिक, 4 जून को दिनेश ने रजनीकांत को एक बहाने से अपने साथ लिया और मोटरसाइकिल से जोरूखाड़ के घने जंगल की तरफ ले गया। वहां मौका पाकर उसने अपने पास छिपाकर रखे भारी-भरकम चापड़ से रजनीकांत पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया और उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद पकड़े जाने के डर से उसने रजनीकांत का वन प्लस ब्रांड का मोबाइल फोन, खून से सना चापड़ और अपने खुद के शर्ट व लोवर को पास की ही गहरी झाड़ियों में छिपा दिया और खुद फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी दिनेश की निशानदेही पर झाड़ियों से वह सभी अहम साक्ष्य और आला कत्ल बरामद कर लिए हैं, जो कोर्ट में उसे सजा दिलाने के लिए पुख्ता सबूत बनेंगे। इस बेहद चुनौतीपूर्ण और अंधे कत्ल का महज 8 घंटे में पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के साथ मुख्य आरक्षी सुरेंद्र प्रजापति, आरक्षी सुनील कुमार और आरक्षी आलोक कुमार मुख्य रूप से शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक औपचारिकताएं पूरी कर उसे जेल भेज दिया है।

Harsh Vardhan
Author: Harsh Vardhan

7 years experience in the field of journalism.

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