प्रयागराज/कानपुर देहात। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन ब्रांच ने उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी और दोहरी कार्रवाई करते हुए तीन सरकारी व बैंक कर्मियों को भारी-भरकम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने प्रयागराज में तैनात पोस्टल सर्विसेज के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आशीष अग्रवाल को डेढ़ लाख रुपये की घूस लेते हुए दबोचा, तो वहीं कानपुर देहात में बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच मैनेजर गौरव वर्मा और उनके सहयोगी बैंक मित्र राघवेंद्र को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के तत्काल बाद सीबीआई की टीमों ने तीनों आरोपियों के अलग-अलग राज्यों में स्थित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसमें भ्रष्टाचार के जरिए जुटाई गई अकूत संपत्तियों और जमीनों के अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। जांच एजेंसी इन तीनों आरोपियों को शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष पेश करेगी।
मामले की विस्तृत जानकारी के अनुसार, सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच को पोस्टल सिविल डिवीजन, प्रयागराज के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आशीष अग्रवाल के खिलाफ एक ठेकेदार (शिकायतकर्ता) से गंभीर शिकायत मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कानपुर देहात, वाराणसी, अकबरपुर, बलरामपुर और प्रयागराज जिलों में पोस्टल सिविल डिवीजन के तहत शिकायतकर्ता द्वारा करीब 40 लाख रुपये के विभिन्न निर्माण कार्य कराए गए थे। इन कार्यों के लंबित बिलों के भुगतान को आगे बढ़ाने और मंजूरी देने के एवज में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आशीष अग्रवाल 3 लाख रुपये की मोटी घूस मांग रहा था, जिसमें से वह 90 हजार रुपये पहले ही वसूल चुका था। सीबीआई ने शिकायत का गोपनीय सत्याzपन कराने के बाद बुधवार को एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद जाल बिछाकर बृहस्पतिवार को प्रयागराज में जैसे ही आशीष अग्रवाल ने घूस की अगली किस्त के रूप में 1.50 लाख रुपये हाथ में लिए, तभी घात लगाकर बैठी सीबीआई टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। इसके तुरंत बाद जांच एजेंसी ने आरोपी के प्रयागराज और छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित ठिकानों पर सघन छापेमारी की, जहां से निवेश और बेनामी संपत्तियों के कई कागजात जब्त किए गए हैं।
इसी तरह भ्रष्टाचार के दूसरे मामले में, सीबीआई ने कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र के नोनारी बुजुर्ग स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में बड़ी कार्रवाई की। यहां के ब्रांच मैनेजर गौरव वर्मा और बैंक मित्र राघवेंद्र को एक ग्रामीण से 15 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। दरअसल, पीड़ित ने पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ऋण लिया था और उसकी ब्याज सब्सिडी का दावा करने के लिए उसे बैंक से कुछ अनिवार्य दस्तावेजों की जरूरत थी। इन सरकारी दस्तावेजों को जारी करने के बदले ब्रांच मैनेजर और बैंक मित्र पीड़ित से 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे थे और बिना पैसे लिए उसे लगातार दौड़ा रहे थे। परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत सीबीआई से कर दी। सीबीआई ने बुधवार को इस मामले में भी एफआईआर दर्ज की और बृहस्पतिवार को कानपुर देहात पहुंची टीम ने जाल बिछाकर दोनों को रंगे हाथों 15 हजार रुपये लेते हुए दबोच लिया। सीबीआई की अलग-अलग टीमें अब इन दोनों बैंक कर्मियों के कानपुर देहात और उत्तराखंड स्थित पैतृक व वर्तमान ठिकानों पर छानबीन कर रही हैं। सीबीआई की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे प्रदेश के प्रशासनिक और बैंकिंग हलकों में हड़कंप मच गया है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





