जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में कौशल शर्मा ने बैंकों की कार्यप्रणाली पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया

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कुशाग्र कौशल शर्मा 

सोनभद्र। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय उद्योग बंधु की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता नवागत जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने की। बैठक में व्यापारिक संगठनों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और उद्यमियों ने हिस्सा लिया, जहां जनपद की औद्योगिक, व्यापारिक और जनहित से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने बैठक में बैंकों की कार्यप्रणाली पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई, ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद) और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की फाइलें महीनों तक बैंकों में लंबित पड़ी रहती हैं, जिसके कारण युवाओं और नए उद्यमियों का उत्साह पूरी तरह समाप्त हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन की ‘सिंगल विंडो’ और समयबद्ध निस्तारण की मंशा धरातल पर कहीं भी दिखाई नहीं दे रही है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि प्रत्येक बैंक में एक एमएसएमई नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, लंबित फाइलों की साप्ताहिक स्तर पर समीक्षा हो, बिना किसी ठोस कारण के फाइल रोकने वाले बैंककर्मियों की जवाबदेही तय की जाए और ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम को सार्वजनिक किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

कौशल शर्मा ने जनपद की खस्ताहाल और खतरनाक यातायात व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सोनभद्र की सड़कें वर्तमान में ‘किलर रोड’ के नाम से जानी जाने लगी हैं, जहां पिछले मात्र 36 दिनों के भीतर सड़क हादसों में 27 लोगों की अकाल मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद के लिए सरकार द्वारा ‘राहगीर योजना’ चलाई जा रही है। इस योजना के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी सड़क हादसे में घायल हुए शख्स को दुर्घटना के ‘गोल्डन आवर’ यानी पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने में मदद करता है, तो उसे प्रोत्साहन राशि के रूप में 25,000 रुपये दिए जाने का प्रावधान है। इसे ‘गुड सेमैरिटन नीति’ (निस्वार्थ मदद करने वाला व्यक्ति) से भी जोड़ा जाता है, जिसमें मदद करने वाले नागरिक की पहचान गुप्त रखी जाती है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। दुर्भाग्यवश, हमारे जनपद में इस योजना का कोई प्रचार-प्रसार नहीं है और न ही किसी माध्यम से आम जनता को इसकी जानकारी दी जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए वर्ष 2025 से ‘कैशलेस उपचार योजना’ भी शुरू की गई है, जिसके तहत अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक का इलाज खर्च सरकार वहन करती है। यह सुविधा सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध है ताकि गोल्डन आवर में तुरंत इलाज मिल सके, लेकिन जनपद की आम जनता इस योजना से पूरी तरह अनभिज्ञ है, जिसके कारण आए दिन उचित उपचार के अभाव में लोग दम तोड़ देते हैं।

बैठक में स्थानीय यातायात और कानून व्यवस्था के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन के नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन ने मिर्जापुर डिपो की बसों के संचालन पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मिर्जापुर रोडवेज की बसें फ्लाईओवर (ओवरब्रिज) के ऊपर से जाने के बजाय नीचे से संचालित की जा रही हैं। यह मुद्दा पहले भी कई बार जिला स्तरीय और मंडलीय उद्योग बंधु की बैठकों में उठाया जा चुका है। नीचे से बसें चलने के कारण चौराहे और आस-पास के क्षेत्रों में आए दिन भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिसमें कई बार जीवन रक्षक एम्बुलेंस गाड़ियां भी फंस चुकी हैं। इसके साथ ही जिला मंत्री नागेंद्र मोदनवाल ने प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों की मनमानी और गुंडागर्दी का मामला उठाते हुए कहा कि यदि किसी वाहन स्वामी की एक या दो किस्तें बाकी रह जाती हैं, तो ये कंपनियां बकायदा गिरोह बनाकर बलपूर्वक गाड़ियों को रास्ते में ही रोक लेती हैं। अवैध रूप से वाहनों को यार्ड में खड़ा कर दिया जाता है और फिर किस्त के अलावा भारी मात्रा में अवैध पैसों की मांग की जाती है, जिसे देने के बाद ही गाड़ियां छोड़ी जाती हैं। इस पर रोक लगनी बेहद जरूरी है। बैठक में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष नरेंद्र गर्ग, नगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, जिला महामंत्री मनोज जालान, नवल बाजपेई, विमल जालान, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष राजेश गुप्ता, संदीप सिंह, अजीत जायसवाल, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन, जिला मंत्री कृष्णा सोनी, विनय जायसवाल, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप जायसवाल, राजू जायसवाल, नगर मंत्री अभिषेक केसरी, नगर कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ सांवरिया और नगर संयोजक अमित अग्रवाल सहित कई प्रमुख पदाधिकारी व व्यापारी उपस्थित रहे।

Harsh Vardhan
Author: Harsh Vardhan

7 years experience in the field of journalism.

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