उत्तर प्रदेश: प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के डेटा मैनेजमेंट को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक जिलों में कई शिक्षकों की एक से अधिक मानव संपदा आईडी सक्रिय पाई गई हैं। गाजीपुर, सुल्तानपुर, आजमगढ़, बलरामपुर, आगरा, वाराणसी और चंदौली जैसे जिलों में जांच के दौरान एक ही नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि वाले दर्जनों शिक्षकों की दो-दो पोर्टल आईडी संचालित होने का मामला सामने आया है। इस गंभीर लापरवाही और संभावित धोखाधड़ी की आशंका को देखते हुए विभाग अब पूरी तरह हरकत में आ गया है। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने ऐसी सभी अतिरिक्त आईडी को तत्काल प्रभाव से डिलीट करने और संबंधित शिक्षकों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने इस संबंध में सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि मानव संपदा पोर्टल पर कार्मिकों की ई-सर्विस बुक में किसी भी प्रकार का संशोधन अब बिना ठोस साक्ष्यों के नहीं होगा। उन्होंने साफ किया कि जन्मतिथि, छुट्टी या अन्य किसी भी विवरण में बदलाव के लिए मूल अभिलेखों का सत्यापन और गहन परीक्षण अनिवार्य है। अब से किसी भी संशोधन के लिए संबंधित शिक्षक को साक्ष्यों सहित प्रार्थना पत्र बीएसए कार्यालय में देना होगा, जिसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) मूल दस्तावेजों की जांच कर अपनी आख्या प्रस्तुत करेंगे। बीएसए द्वारा स्वयं परीक्षण और स्पष्ट संस्तुति के बाद ही निदेशालय को ईमेल के माध्यम से संशोधन का अनुरोध भेजा जा सकेगा। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर चूक पाई गई, तो उसकी जिम्मेदारी सीधे उनकी होगी। यह कदम विभाग में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े की गुंजाइश को खत्म करने के लिए उठाया गया है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





