केंद्र सरकार ने नीट यूजी 2026 की परीक्षा को देशव्यापी स्तर पर रद्द करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे देशभर के करीब 23 लाख छात्रों का भविष्य फिलहाल अधर में लटक गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियों से मिले इनपुट्स के आधार पर वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता बरकरार रखना संभव नहीं था, जिसके चलते सरकार की मंजूरी के बाद इसे निरस्त कर दिया गया। इस पूरे विवाद की जड़ें राजस्थान से जुड़ी मानी जा रही हैं, जहां परीक्षा से पहले ही एक कथित ‘गेस पेपर’ के सोशल मीडिया और छात्रों के बीच वायरल होने की खबरें आई थीं। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि परीक्षा से करीब 15 दिन से एक महीने पहले बांटे गए 410 सवालों के एक गेस पेपर में से 120 सवाल हूबहू मुख्य परीक्षा में पूछे गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सरकार ने इसकी पूरी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। हालांकि एनटीए ने पहले दावा किया था कि परीक्षा केंद्रों पर जीपीएस ट्रैकिंग, एआई असिस्टेड सीसीटीवी और 5G जैमर जैसी अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, लेकिन एसओजी द्वारा देहरादून, सीकर और झुंझुनू से की गई 13 संदिग्धों की गिरफ्तारी ने इन दावों की पोल खोल दी। अब एनटीए जल्द ही नई तारीखों और एडमिट कार्ड का शेड्यूल जारी करेगा, लेकिन फिलहाल लाखों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के बीच भारी चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





