[IT_EPOLL id=”1″][/IT_EPOLL]अयोध्या: रामनगरी अयोध्या के रामायण विश्वविद्यालय में शुक्रवार को श्रीराम प्रतिमा अनावरण समारोह का आयोजन किया गया। इसमें शामिल होने के लिए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल पहुंचीं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की 35 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण न सिर्फ स्थापत्य का प्रतीक है बल्कि सांस्कृतिक चेतना का भी प्रतीक है।
राज्यपाल ने कहा भगवान श्रीराम सांस्कृतिक केंद्र के केंद्र में हैं। श्रीराम ने यह संदेश दिया कि सत्ता सेवा का माध्यम है, शक्ति संयम से संचालित होती है और निर्णय लोकमंगल के लिए प्रेरित होना चाहिए। विकास की वास्तविक ऊंचाई मानव मूल्यों से ही प्राप्त होती है। श्रीराम का जीवन यह सीखाता है कि प्रभु श्रीराम हमारे आचरण, नीतियों में हो। वे राष्ट्र निर्माण के प्रत्येक आयाम में प्रतिबिंबित होते हैं।
राज्यपाल आगे ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा आधुनिक शिक्षा एक दूसरे के पूरक हैं। शिक्षा ही अस्थाई परिवर्तन की आधारशिला है। महर्षि महेश योगी ध्यान को मानव जीवन के संपूर्ण संभावनाओं के विकास का माध्यम मानते थे। अयोध्या रामराज्य के आदर्श का शाश्वत प्रतीक है। महर्षि महेश योगी शाश्वत ज्ञान परंपरा के महान संवाहक थे।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"






