आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डेटा की सुरक्षा और व्यक्तिगत गोपनीयता बड़ी चुनौती बनती जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर संचार व्यवस्था और आधुनिक वाहनों तक साइबर सुरक्षा की अहमियत लगातार बढ़ रही है। इन्हीं चुनौतियों और उनके तकनीकी समाधानों पर चुर्क स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित पांच दिवसीय तकनीकी कार्यक्रम के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की। विभिन्न तकनीकी सत्रों में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता संरक्षण और नेटवर्क की मजबूती से जुड़े आधुनिक पहलुओं पर व्याख्यान दिए गए।
कार्यक्रम के पहले तकनीकी सत्र में मुख्य वक्ता डॉ0 मैनेजर यादव ने ‘मल्टीमीडिया कंटेंट सिक्योरिटी’ विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि “संचार माध्यमों के जरिए प्रतिदिन बड़ी मात्रा में डेटा का आदान-प्रदान होता है। ऐसे में विजुअल क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिदम के माध्यम से संवेदनशील सूचनाओं को सुरक्षित रखा जा सकता है। यह तकनीक डेटा की गोपनीयता बनाए रखने के साथ उसकी अखंडता सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।”
दूसरे सत्र में डॉ0 अजय प्रताप ने ‘स्मार्ट हेल्थकेयर में गोपनीयता संरक्षण’ विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में मरीजों के व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड की सुरक्षा बेहद जरूरी है। मशीन लर्निंग तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल से स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों की गोपनीयता बरकरार रखते हुए उनके चिकित्सकीय उपयोग को और बेहतर बनाया जा सकता है।
वहीं, अपराह्न सत्र में डॉ0 अजय प्रताप ने वेहिकुलर नेटवर्क्स की सुरक्षा पर व्याख्यान दिया। उन्होंने वेहिकुलर एड-हॉक नेटवर्क्स में होने वाले ‘सिबिल अटैक’ की तकनीकी बारीकियों और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी। साथ ही कनेक्टेड वाहन प्रणालियों में पहचान सत्यापन और सुरक्षित संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
तकनीकी सत्रों के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर सवाल-जवाब किए और साइबर सुरक्षा की जटिलताओं को समझा।
कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक डॉ0 आमोद कुमार तिवारी, डॉ0 आशीष रंजन मिश्रा, डॉ0 कल्पना सिंह, सिकंदर, नवनीत उपाध्याय सहित अन्य शिक्षक एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





