आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । करवा चौथ का त्योहार बीतने के बाद गांव से रोजी-रोटी की तलाश में डाला लौटा एक 50 वर्षीय मजदूर अब कभी अपने घर नहीं लौट सकेगा। जिस त्योहार पर वह परिवार के बीच खुशियां बांटने और अपनों के साथ वक्त बिताने गांव गया था, उसी परिवार को उसकी मौत की खबर ने झकझोर कर रख दिया। शनिवार को डाला लौटने के कुछ ही घंटों बाद वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया और देर रात उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। आखिर ऐसा क्या हुआ कि गांव से लौटने के बाद सिकंदर की जिंदगी का सफर रेलवे ट्रैक पर खत्म हो गया? यह सवाल अब हर किसी के जेहन में है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान सिकंदर पुत्र सुखारी बैठा (50 वर्ष) निवासी ग्राम पुत्तूर हरिया, थाना धुरकी, जनपद गढ़वा (झारखंड) के रूप में हुई है। वह डाला स्थित एक खदान में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। बताया जाता है कि करवा चौथ के त्योहार पर छुट्टी लेकर वह अपने गांव गया था। त्योहार के बाद शनिवार को वापस डाला स्थित अपने कार्यस्थल पर लौटा था। लेकिन देर शाम वह अचानक कहीं चला गया। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर उसकी तलाश शुरू हुई।
इसी बीच डाला स्थित मां वैष्णो मंदिर के सामने बने सार्वजनिक शौचालय के पास उसकी बाइक खड़ी मिली। बाइक मिलने के बाद उसकी तलाश को लेकर आशंकाएं और बढ़ गईं। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे लोगों ने शव की पहचान सिकंदर के रूप में की। घटना की सूचना मिलते ही डाला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी।
“करवा चौथ पर गांव जाना, शनिवार को वापस लौटना, देर शाम अचानक लापता होना, सार्वजनिक शौचालय के पास बाइक का खड़ा मिलना और फिर रेलवे ट्रैक पर शव बरामद होना… घटनाक्रम कई सवाल खड़े कर रहा है। आखिर सिकंदर रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचा? क्या वह किसी परेशानी में था या फिर उसके साथ कोई अनहोनी हुई? फिलहाल इन सवालों का जवाब किसी तलाशने में पुलिस जुटी हुई है।”
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....





