आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । स्थानीय हुनर, पारंपरिक स्वाद और प्राकृतिक संसाधनों से तैयार उत्पादों को अब नई पहचान देने की तैयारी है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे उत्पाद जल्द ही ‘सोन अर्थ’ ब्रांड के नाम से बाजार में अपनी अलग पहचान बनाएंगे। आकर्षक पैकेजिंग, आधुनिक मार्केटिंग और व्यापक प्रचार-प्रसार के जरिए इन उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत 11 स्थानीय उत्पादों को शामिल करते हुए एक लग्जरी गिफ्ट हैंपर तैयार किया जाएगा। ब्रांड का लोगो भी जल्द लॉन्च होगा। इस पहल से न केवल जिले के उत्पादों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है, बल्कि हजारों ग्रामीण महिलाओं के लिए आमदनी बढ़ाने के अवसर भी खुलेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों को एक मंच पर लाकर उनकी ब्रांडिंग और आकर्षक पैकेजिंग की जाएगी। इसी क्रम में ‘सोन अर्थ’ नाम से लग्जरी गिफ्ट हैंपर तैयार किया जा रहा है, जिसमें महिलाओं के हाथों से तैयार 11 उत्कृष्ट स्थानीय उत्पाद शामिल होंगे।
श्रीअन्न के ठेकुआ से मिलेगा पारंपरिक स्वाद –
जनपद में प्राकृतिक खेती और श्रीअन्न के उत्पादन से जुड़ी महिलाओं के हुनर को अब व्यापक बाजार दिलाने की तैयारी है। जिले में ज्वार, बाजरा, रागी और कोदो की खेती बड़े पैमाने पर होती है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी दो हजार से अधिक महिलाएं इन फसलों के उत्पादन से जुड़ी हैं, जबकि 500 से अधिक महिलाएं श्रीअन्न से ठेकुआ और कुकीज तैयार कर रही हैं।
‘सोन अर्थ’ गिफ्ट हैंपर में रागी, कोदो, ज्वार और मिश्रित गेहूं से तैयार चार प्रकार के ठेकुआ शामिल किए जाएंगे। इससे पारंपरिक स्वाद को आधुनिक पैकेजिंग के जरिए नए ग्राहकों तक पहुंचाने का प्रयास होगा। स्थानीय स्तर पर तैयार इन उत्पादों को बाजार मिलने से महिला उद्यमियों की बिक्री और आमदनी बढ़ने की संभावना है।
जंगली शहद और हर्बल साबुन भी बनेंगे आकर्षण –
जनपद के प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित उत्पाद भी इस ब्रांड की खास पहचान बनेंगे। जिले में एक हजार से अधिक महिलाएं शहद के उत्पादन और संग्रहण से जुड़ी हैं। गिफ्ट हैंपर में जंगलों की वनस्पतियों से प्राकृतिक रूप से संग्रहित जंगली शहद और कृषि उपज से तैयार हर्बल शहद को शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा प्राकृतिक घटकों से तैयार चार प्रकार के हर्बल साबुन भी गिफ्ट हैंपर का हिस्सा होंगे। बकरी के दूध, हल्दी-चंदन, नीम, एलोवेरा और तुलसी जैसी सामग्रियों से साबुन तैयार करने के काम में एक हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। इन उत्पादों को आकर्षक पैकेजिंग के साथ बाजार में उतारने की तैयारी है।
मंदिरों के चढ़ावे से तैयार अगरबत्ती महकाएगी बाजार –
धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण को आजीविका से जोड़ने की पहल भी ‘सोन अर्थ’ ब्रांड की खासियत होगी। जिले के प्रसिद्ध मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए फूलों का उपयोग कर सुगंधित अगरबत्ती तैयार की जा रही है। इस काम में 200 से अधिक महिलाएं जुटी हैं। शिवद्वार से जुड़ी अगरबत्ती को भी गिफ्ट हैंपर में शामिल किया जाएगा। मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों का उपयोग करके उत्पाद तैयार करने से जहां महिलाओं को रोजगार मिल रहा है, वहीं फूलों के बेहतर इस्तेमाल का रास्ता भी खुल रहा है। ऐसे उत्पाद सोनभद्र की स्थानीय पहचान को एक नए अंदाज में बाजार के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं।
होर्डिंग से वीडियो प्रोमो तक होगा प्रचार –
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि “‘सोन अर्थ’ ब्रांड के उत्पादों को बाजार में स्थापित करने के लिए ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नए लोगो के साथ उत्पादों की लॉन्चिंग की तैयारी है। इनके प्रचार के लिए होर्डिंग, हैंडबिल, पैम्फलेट और वीडियो प्रोमो का सहारा लिया जाएगा।”
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....






