आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत मुहैया कराने की राह में जमीन की कमी बाधा न बने, इसके लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। औद्योगिक क्षेत्र, म्योरपुर और बभनी में चिह्नित 759 लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएगी। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पात्र लाभार्थियों के लिए भूमि चिह्नित करने से लेकर आवंटन तक की कार्रवाई समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चिह्नित सभी 759 लाभार्थियों को आवास के लिए भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि जिन पात्र लाभार्थियों के पास अपना घर बनाने के लिए जमीन नहीं है, उनके लिए भूमि चिह्नित कर आवंटन की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूरी की जाए, ताकि उन्हें योजना का लाभ दिलाने में अनावश्यक विलंब न हो।
व्यक्तिगत जमीन नहीं तो क्लस्टर आवास पर होगा विचार –
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जिन लाभार्थियों के लिए अलग-अलग भूमि उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पा रहा है, उनके लिए सामूहिक रूप से क्लस्टर आवास निर्माण की संभावनाएं तलाशी जाएं। इसके लिए उपयुक्त भूमि की उपलब्धता और अन्य आवश्यक पहलुओं पर विचार करते हुए जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि भूमि के अभाव में कोई भी पात्र लाभार्थी आवास योजना के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वागीश कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी घोरावल विशाल कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
Author: Anand Kumar Chaubey
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