आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग के बीच जब एक गरीब कन्या के विवाह की रस्में पूरी हुईं तो चुर्क की रामलीला का मंच धार्मिक आस्था के साथ मानवता और सामाजिक सेवा का भी साक्षी बन गया। बुधवार की रात चुर्क नगर पंचायत स्थित रामलीला मैदान में राम-सीता विवाह के पावन प्रसंग के दौरान रामलीला कमेटी ने एक जरूरतमंद कन्या का विवाह भारतीय परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराकर समाज के सामने सेवा और सहयोग की प्रेरक मिसाल पेश की। रामलीला के इस आयोजन में जहां प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया, वहीं एक गरीब परिवार की बेटी के हाथ पीले होने से समारोह की खुशियां और भी बढ़ गईं। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए नवदंपती को सुखमय वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया।
रामलीला में श्रीराम और माता सीता के प्रतीकात्मक स्वरूप में रामसेवक और आशा ने भूमिका निभाई। विवाह प्रसंग के दौरान दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। इसी धार्मिक आयोजन के बीच चुर्क वार्ड नंबर एक निवासी रामसेवक और बुड़हर खुर्द निवासी आशा वास्तविक जीवन में भी विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए। इस तरह रामलीला के मंच पर प्रस्तुत धार्मिक प्रसंग और वास्तविक जीवन के विवाह ने समारोह को विशेष बना दिया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि धर्म और आस्था का वास्तविक महत्व तभी सार्थक होता है, जब उसके साथ जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी हो।
विवाह समारोह को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। नगर पंचायत के वार्ड नंबर एक से गाजे-बाजे के साथ बारात निकली और चुर्क स्थित शिव मंदिर से होते हुए रामलीला मैदान पहुंची। दूल्हा वाहन पर सवार होकर विवाह स्थल पहुंचा, जबकि बराती बैंड-बाजे की धुन पर नाचते-गाते हुए आगे बढ़े। रामलीला मैदान में बारात का स्वागत किया गया और कमेटी की देखरेख में विवाह की पारंपरिक रस्में पूरी कराई गईं। इस दौरान मैदान में मौजूद रामलीला प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने समारोह का आनंद लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सदर विधायक भूपेश चौबे सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। विधायक और अन्य अतिथियों ने नवदंपती रामसेवक और आशा को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। विवाह के उपरांत रामलीला कमेटी की ओर से बारातियों के लिए भोज की व्यवस्था की गई। साथ ही नवविवाहिता को उपहार स्वरूप आवश्यक सामान और नकद राशि भेंट की गई। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दुल्हन की विदाई की गई। इस भावुक पल के दौरान समारोह में खुशियों और आत्मीयता का माहौल बना रहा।
अब तक आठ गरीब कन्याओं के हाथ पीले करा चुकी है कमेटी –
चुर्क की रामलीला में सीता विवाह के अवसर पर गरीब कन्याओं का विवाह कराने की पहल अब सामाजिक सेवा की एक सराहनीय परंपरा बनती जा रही है। रामलीला कमेटी के माध्यम से अब तक आठ गरीब कन्याओं का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। धार्मिक आयोजन के साथ जरूरतमंद परिवारों की मदद का यह प्रयास न केवल समाज में सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश दे रहा है, बल्कि ऐसे परिवारों के लिए भी संबल बन रहा है, जिनके सामने बेटी के विवाह की जिम्मेदारी निभाना चुनौतीपूर्ण होता है।
कार्यक्रम में रामलीला कमेटी के महामंत्री ओम प्रकाश यादव, देवेश मिश्रा, ओम तिवारी (जेई, पीडब्ल्यूडी), धनंजय दुबे (चुर्क मंडल उपाध्यक्ष), डॉ0 एच0पी0 सिंह, चुर्क नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सरोज, नगर पंचायत अध्यक्ष मीरा यादव, संगीता सिंह, मीनू चौबे, जयराम वर्मा (मंडल महामंत्री), महेंद्र पांडेय (पूर्व मंडल अध्यक्ष, चुर्क), सूरज चंद्रवंशी, अंशु खत्री, गोपाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....






