Sonbhadra News : एनएचएम संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा असर

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आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

 

सोनभद्र । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बृहस्पतिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। जिलेभर के एनएचएम कर्मियों ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर में धरना देकर विरोध दर्ज कराया। एनएचएम के डॉक्टर और कर्मचारी जिला अस्पताल के साथ ही विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी तैनात हैं। ऐसे में कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखाई दिया और इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, एनएचएम कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान आकस्मिक सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा, ताकि गंभीर मरीजों को समय से उपचार मिल सके।

तीन दिन जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन, फिर लखनऊ में धरना –

एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला ने बताया कि “राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले की विभिन्न इकाइयों और कार्यक्रमों में तैनात कार्मिक आंदोलन में शामिल हैं। इनमें जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (डीपीएमयू) और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों (बीपीएमयू) के कर्मचारी भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय पर तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार का कार्यक्रम निर्धारित है। इसके बाद प्रदेश स्तर पर लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति बनाई गई है।”

कम मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल – 

फिजियोथैरेपिस्ट ओमप्रकाश ने कहा कि “एनएचएम में कार्यरत बड़ी संख्या में कर्मचारी गैर जनपदों से आकर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा महंगाई के दौर में कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल होता जा रहा है। कर्मचारियों की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन उसके अनुरूप मानदेय और सुविधाओं में सुधार नहीं हो रहा है।”

सीएचओ और एएनएम ने भी रखी अपनी बात –

सीएचओ स्वाति पटेल ने कहा कि “एनएचएम के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान किए जाने की जरूरत है, ताकि वे बेहतर माहौल में अपनी सेवाएं दे सकें।”

वहीं संविदा एएनएम धर्मावती ने भी कर्मचारियों की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों से लगातार जिम्मेदारियों के अनुरूप काम लिया जाता है, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हो रही है।

सीएचसी-पीएचसी में मरीजों को करना पड़ा इंतजार –

एनएचएम के डॉक्टर और कर्मचारी जिले के सीएचसी-पीएचसी सहित जिला अस्पताल में भी विभिन्न सेवाओं में तैनात हैं। बृहस्पतिवार को कार्य बहिष्कार के कारण ओपीडी और नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर असर दिखाई दिया। अस्पताल पहुंचे मरीजों को इलाज और संबंधित सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ा। कार्य बहिष्कार से स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों की नियमित गतिविधियों, फील्ड सर्वे, जांच, रिपोर्टिंग और अन्य विभागीय कार्यों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि गंभीर मरीजों के हित में आकस्मिक सेवाएं जारी रखी जाएंगी।

आकस्मिक सेवाएं सुचारु, टीकाकरण के लिए लगाई गईं नियमित एएनएम – सीएमओ

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि“एनएचएम कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, लेकिन जिले की सभी आकस्मिक सेवाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि टीकाकरण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए नियमित एएनएम की ड्यूटी लगाई गई है। सीएमओ ने कहा कि शासन स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की उम्मीद है। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही समस्या का समाधान होगा और एनएचएम के सभी कर्मचारी वापस अपने कार्य पर लौट आएंगे।”

“बहरहाल एनएचएम संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की तस्वीर सामने आने लगी है, हालांकि विभाग का दावा है कि आकस्मिक सेवाओं को सुचारु रखा गया है। तीन दिन के जिला स्तरीय आंदोलन के बाद लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा से अब गेंद शासन के पाले में है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों और शासन के बीच कब तक सहमति बनती है। अब देखने वाली बात होगी कि शासन स्तर पर कोई ठोस पहल होती है या एनएचएम कर्मचारियों का आंदोलन और लंबा खिंचता है।”

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