आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । घोरावल कोतवाली क्षेत्र के मुड़िलाडीह (पठकागांव) स्थित भगवनियां तालाब के पास बीते रविवार को करीब दो सौ वर्ष पुराने प्राचीन शिव मंदिर से शिवलिंग, देवी-देवताओं की मूर्तियां, पीतल का घंटा और पूजन सामग्री चोरी होने के मामले में आज ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर जिलाधिकारी से मुलाकात घटना का शीघ्र खुलासे के लिए ज्ञापन सौंपा तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की।
प्रशासन की सुस्ती पर भड़के ग्रामीण –
ग्रामीणों का आरोप है कि रविवार की सुबह मंदिर से प्राचीन शिवलिंग, भगवान गणेश व माता पार्वती की स्फटिक मूर्तियों, पीतल के बड़े घंटा सहित अन्य पूजन सामग्री गायब मिली। घटना की जानकारी तत्काल पुलिस हेल्पलाइन 112 और पुलिस अधिकारियों को दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को कार्यवाही का भरोसा दिया, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी घटना का खुलासा नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई।
ग्रामीणों का कहना है कि मामला मीडिया में प्रमुखता से सामने आने के बावजूद अब तक चोरी की घटना का पर्दाफाश नहीं हो सका है। इससे ग्रामीणों में पुलिस कार्रवाई को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर 11 अक्टूबर 2026 तक मामले का खुलासा कर ग्रामीणों को संतुष्ट करने की मांग की है
ग्राम प्रधान पर ग्रामीणों ने लगाया गंभीर आरोप –
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान गोविंद सिंह मौर्या पर भी पूरे मामले में संलिप्तता के गंभीर आरोप लगाते हुए मांग किया कि मंदिर से चोरी की घटना की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जाए और यदि किसी जनप्रतिनिधि अथवा अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्यवाही की जाए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मंदिर की सुरक्षा, चोरी हुई प्राचीन मूर्तियों एवं धार्मिक सामग्री की बरामदगी और घटना में शामिल लोगों की पहचान कर कड़ी कार्यवाही की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल चोरी का मामला नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ा गंभीर प्रकरण है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान मंदिर से मूर्ति गायब कराकर बुद्ध प्रतिमा स्थापित करवाना चाहते जो संभव नहीं है।
खुलासा नहीं हुआ तो सड़क पर उतरेंगे ग्रामीण –
ग्रामीणों ने कहा कि यदि कहीं अंबेडकर प्रतिमा क्षतिग्रस्त होती है तो जिला प्रशासन फौरी तौर पर प्रतिमा लगवाता है लेकिन मंदिर से मूर्ति गायब होने के मामले में प्रशासन की उदासीनता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 11 अक्टूबर तक मामले का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ, तो वे 12 अक्टूबर 2026 को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक घोरावल-राबर्ट्सगंज मुख्य मार्ग पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार शिकायत और मीडिया में मामला आने के बावजूद कार्यवाही न होने की स्थिति में उनके पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
ये ग्रामीण रहे मौजूद –
इस दौरान लक्ष्मी नारायण, जितेंद्र कुमार, प्रमोद मिश्रा, बृजमोहन पांडेय, अशोक कुमार पाठक, अवनीश पाठक, अंकित, संतोष कुमार, शशिकांत पाठक, श्यामबिहारी पाठक, रोशन पाठक, भोला पाठक, आनन्द राज, छांगुर प्रजापति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।






