सोनभद्र। फर्जी चेक, कूटरचित दस्तावेज और खनन पट्टे में धोखाधड़ी से जुड़े मामले में खनन कारोबारी व पूर्व सपा नेता इस्तियाक अहमद खान को अदालत से बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन (एफटीसी) सोनभद्र की अदालत में हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने इस्तियाक खान को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। ओबरा पुलिस ने आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार करने के बाद सोनभद्र न्यायालय में पेश किया था, जहां से रिमांड प्रार्थना पत्र मंजूर करते हुए कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने के निर्देश दिए।
यह पूरा मामला ओबरा थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 153/2025 से संबंधित है, जो सुधीर कुमार श्रीवास्तव की पत्नी रिंकी श्रीवास्तव द्वारा दर्ज कराया गया था। प्रकरण ओबरा के ग्राम बिल्ली मारकुंडी में निजी भूमि पर करीब 1.935 हेक्टेयर क्षेत्र में ई-निविदा प्रक्रिया के तहत खनन पट्टे के निष्पादन से जुड़ा है। आरोप है कि खनन पट्टा हासिल करने की प्रक्रिया में आरोपी द्वारा फर्जी चेक का इस्तेमाल, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और सरकारी विभागों में जालसाजी की गई। पूर्व में हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में मध्यस्थता के प्रयास भी किए गए थे, लेकिन वार्ता विफल रहने पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकाश शाक्य, अरुण कुमार मिश्रा और संजीत चौबे ने पैरवी करते हुए कथित फर्जी हस्ताक्षर व दस्तावेजों की हेरफेर से जुड़े तथ्य रखे, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता बबलू दीक्षित ने अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और जारी विवेचना का हवाला देते हुए आरोपी को हिरासत में भेजने की मांग की थी। दोनों पक्षों की तीखी बहस और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश पारित किया। फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।





