जड़ी-बूटियों की आड़ में गांजा तस्करी का बड़ा खेल: उड़ीसा से यूपी लाया जा रहा 8 कुंतल गांजा बरामद, पुलिस ने अंतराज्यीय गिरोह के 6 तस्कर दबोचे

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हर्षवर्धन, सोनभद्र। जनपद की रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) लखनऊ की संयुक्त टीम ने नशा तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त टीम ने उड़ीसा से तस्करी कर लाया जा रहा 8 कुंतल 684 ग्राम अवैध गांजा बरामद कर गिरोह के 6 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे, एक डीसीएम ट्रक, एक सियाज कार, 6 एंड्रॉयड फोन, 2 आईफोन और नकदी सहित कुल पकड़े गए माल की अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 16 लाख रुपये आंकी गई है। इस बड़ी कामयाबी की विस्तृत जानकारी पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया के सामने रखी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि यह सफलता पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज के नेतृत्व वाली टीम को मिली है। उन्होंने बताया कि 21 और 22 जून की रात को एएनटीएफ लखनऊ यूनिट को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि उड़ीसा से भारी मात्रा में गांजा एक डीसीएम ट्रक में लादकर उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है, जिसकी रेकी तस्कर एक कार से आगे-चलकर कर रहे हैं।

 

 

इस सटीक सूचना पर एएनटीएफ लखनऊ और थाना रॉबर्ट्सगंज की सुकृत पुलिस चौकी की संयुक्त टीम ने चहेलवा बैजू बाबा मंदिर के पास घेराबंदी की। टीम ने घेराबंदी कर मौके से एक सियाज कार और एक डीसीएम ट्रक को रोक लिया। जब डीसीएम की गहनता से तलाशी ली गई, तो उसमें जड़ी-बूटियों की बोरियों के नीचे छिपाकर रखा गया 8 कुंतल 684 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। बाजार में इस गांजे की कीमत ही करीब 80 लाख 60 हजार रुपये है।

पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि मौके से गिरफ्तार तस्करों की पहचान अंकित सिंह, रोहित कुमार सिंह, सोहित सिंह, देवेन्द्र सिंह और सिद्धार्थ सिंह (सभी निवासी जनपद सुल्तानपुर) तथा सूरज कुमार (निवासी जनपद अमेठी) के रूप में हुई है। पूछताछ में तस्करों ने कुबूल किया कि वे एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह के रूप में काम करते हैं। वे उड़ीसा के बलांगीर क्षेत्र से इस खेप को महज 20 लाख रुपये में खरीदकर लाए थे और इसे सुल्तानपुर, सीतापुर तथा उसके आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करने वाले थे। पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए उन्होंने ट्रक में जड़ी-बूटियां लाद रखी थीं ताकि जरूरत पड़ने पर उसके वैध कागजात दिखाकर पुलिस को गुमराह किया जा सके। इसके अलावा, गिरोह का मुख्य सरगना रोहित कुमार सिंह और अंकित सिंह कार के जरिए आगे चलकर पुलिस चेकिंग की रेकी कर रहे थे। तस्करों ने बताया कि यह पूरी खेप सीतापुर निवासी अतुल सिंह को पहुंचाई जानी थी और उड़ीसा में गांजा सप्लाई करने वाले मुख्य डीलर को वे सिर्फ “दादा” नाम से जानते हैं, जिससे वे केवल व्हाट्सएप के जरिए जुड़े थे। पकड़ में न आने के लिए ये लोग लगातार अपने मोबाइल और सिम कार्ड बदलते रहते थे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की भी जानकारी दी गई कि पकड़े गए अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास है। अभियुक्त सूरज कुमार के खिलाफ सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़ और झांसी में हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर अपराधों के 14 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं मुख्य सरगना रोहित कुमार सिंह के खिलाफ हत्या सहित 4 और अंकित सिंह के खिलाफ 2 मुकदमे दर्ज हैं। इस पूरी कामयाबी को अंजाम देने वाली टीम में रॉबर्ट्सगंज के प्रभारी निरीक्षक रामस्वरुप वर्मा, एएनटीएफ लखनऊ के उप निरीक्षक पुरुषोत्तम विश्वकर्मा, मुख्य आरक्षी दिनेश कुमार सिंह, संगम पटेल, खालिद खां, राजेश कुमार यादव, आरक्षी राजन कुमार के साथ ही सुकृत चौकी प्रभारी मानवेन्द्र सिंह, मुख्य आरक्षी भरत यादव, आरक्षी राम प्रताप सिंह और सुनील कुमार शामिल रहे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ रॉबर्ट्सगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है और गिरोह के बाकी नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।

AJEET KUMAR SINGH
Author: AJEET KUMAR SINGH

अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

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