सोनभद्र। आम जनता के खोए और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में सोनभद्र पुलिस को एक बहुत बड़ी और उल्लेखनीय सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रूणवाल के कुशल मार्गदर्शन व पर्यवेक्षण में संचालित इस अभियान के तहत पुलिस ने कुल 302 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन सभी मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत लगभग 45 लाख रुपये आंकी गई है। सर्विलांस सेल, एसओजी और जनपद के सभी थानों की संयुक्त टीमों ने सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल के प्रभावी उपयोग और सटीक तकनीकी विश्लेषण के जरिए इन मोबाइलों को ट्रेस करने में कामयाबी हासिल की।
इस पूरी मुहिम में सबसे गौरवपूर्ण बात यह रही कि सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से मोबाइल बरामदगी के मामले में सोनभद्र पुलिस ने मई 2026 के महीने में पूरे उत्तर प्रदेश में डंका बजाया है। जिले ने 66 प्रतिशत की शानदार सफलता दर हासिल करते हुए पूरे सूबे में दूसरा स्थान प्राप्त किया है, जो सोनभद्र पुलिस की तकनीकी दक्षता, मुस्तैदी और समर्पित कार्यशैली को दर्शाता है। सर्विलांस और पुलिस की विभिन्न टीमों ने इस पोर्टल के जरिए लगातार मॉनिटरिंग की और मई महीने से लेकर अब तक कड़े प्रयासों से इन 302 मोबाइलों को ढूंढ निकाला।
सभी कानूनी और विभागीय प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद, बरामद किए गए इन मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को वापस लौटा दिया गया। इसी कड़ी में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रूणवाल ने खुद अपने हाथों से मोबाइल स्वामियों को उनके फोन वितरित किए। लंबे समय से खो चुके अपने कीमती और बहुमूल्य मोबाइल फोन को दोबारा सुरक्षित हाथों में पाकर नागरिकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। लोगों ने पुलिस की इस त्वरित और पारदर्शी कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की और सोनभद्र पुलिस के प्रति दिल से आभार जताया।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि यह बड़ी सफलता सर्विलांस सेल, एसओजी टीम और जिले के सभी थानों के बीच बेहतरीन तालमेल, तकनीकी समझ और लगातार की गई ट्रैकिंग का नतीजा है। इस सफल अभियान के बाद सोनभद्र पुलिस ने आम जनता से एक विशेष अपील भी की है। पुलिस का कहना है कि यदि कभी भी किसी नागरिक का मोबाइल फोन गुम या चोरी होता है, तो वे बिना समय गंवाए तत्काल सीईआईआर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं या फिर अपने नजदीकी थाने में जाकर इसकी सूचना दें, ताकि पुलिस समय रहते तकनीकी तौर पर प्रभावी कदम उठाकर मोबाइल को जल्द से जल्द बरामद कर सके।
Author: Harsh Vardhan
7 years experience in the field of journalism.





