सोनभद्र। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध पंचशील मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग की जांच में बेहद गंभीर अनियमितताओं और धांधली का बड़ा खुलासा हुआ है। औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल में न केवल योजना के कड़े मानकों की घोर अनदेखी पाई गई, बल्कि आयुष्मान कार्ड धारक गरीब लाभार्थियों से इलाज और जांच के नाम पर अवैध धन वसूली के चौंकाने वाले आरोप भी सामने आए हैं। इस पूरे फर्जीवाड़े को बेहद गंभीरता से लेते हुए नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत एवं डीआईयू टीम ने सख्त रुख अख्तियार किया है और अस्पताल प्रबंधन को तीन कार्यदिवस के भीतर बिंदुवार स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बीती 8 जून 2026 को स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण में अस्पताल की जमीनी व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की गई थी। जांच टीम ने पाया कि अस्पताल परिसर में आयुष्मान हेल्प डेस्क और मरीजों की सुविधा के लिए शिकायत निवारण संबंधी कोई भी अनिवार्य जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई थी। इसके अलावा, आयुष्मान कार्ड धारक लाभार्थियों के इलाज के रिकॉर्ड के लिए बनाए जाने वाले आधिकारिक रजिस्टर का रख-रखाव भी सरकारी मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिससे योजना के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निरीक्षण रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि अस्पताल द्वारा कई जटिल चिकित्सा विभागों में उपचार किए जाने का बड़ा दावा तो किया जा रहा था, लेकिन उन विभागों के संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियां और लाइसेंस उपलब्ध ही नहीं थे। टीम के पहुंचने पर संबंधित विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक भी अस्पताल से पूरी तरह गायब मिले। रिपोर्ट के अनुसार, निरीक्षण के समय अस्पताल में केवल एक स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सक ही उपस्थित थीं, जबकि आईसीयू और जनरल वार्ड जैसे अति संवेदनशील क्षेत्रों में बिना डिग्री वाले बीएएमएस चिकित्सकों द्वारा मरीजों का एलोपैथिक उपचार किया जाता पाया गया। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में पंजीकृत ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग में अब तक किसी भी आयुष्मान लाभार्थी का इलाज नहीं किया गया था और उसके विशेषज्ञ डॉक्टर भी नदारद मिले।
इस औचक जांच के दौरान टीम ने वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से भी सीधे बातचीत कर हकीकत जाननी चाही, जहां मरीजों ने अस्पताल प्रशासन की पोल खोलकर रख दी। भर्ती दो महिला लाभार्थियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने विभिन्न पैथोलॉजी जांच और अल्ट्रासाउंड कराने के नाम पर उनसे क्रमशः चार हजार और पांच हजार रुपये की नकद वसूली की है। गौरतलब है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पंजीकृत मरीजों को सूचीबद्ध समस्त उपचार, दवाएं और जांच सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं, ऐसे में गरीबों से पैसे ऐंठने के आरोपों ने अस्पताल प्रबंधन को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। नोडल अधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को सख्त हिदायत दी है कि निरीक्षण में सामने आई सभी कमियों और वसूली के आरोपों पर तीन दिन में जवाब दें, अन्यथा संतोषजनक उत्तर न मिलने पर पंचशील मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल को आयुष्मान भारत योजना के पैनल से हमेशा के लिए बाहर (डी-एम्पैनलमेंट) कर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से जिले के अन्य निजी अस्पतालों में भी हड़कंप मच गया है।
Author: Harsh Vardhan
7 years experience in the field of journalism.






