लखनऊ। राजधानी के ईको गार्डन में शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के बैनर तले हजारों युवाओं ने एकत्रित होकर पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ एक विशाल और जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में युवाओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना तीखा आक्रोश दर्ज कराया। इस प्रदर्शन में विशेष रूप से शामिल हुए कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए साफ शब्दों में एलान किया कि हक और रोजगार की इस लड़ाई में देश का युवा अब किसी भी सूरत में पीछे हटने वाला नहीं है।
ईको गार्डन में आयोजित इस महाप्रदर्शन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब चार हजार से अधिक प्रतियोगी छात्र और युवा शामिल होने पहुंचे थे। आंदोलन की शुरुआत में भीड़ थोड़ी दिशाहीन नजर आ रही थी, लेकिन जैसे ही अभिजीत दीपके धरना स्थल पर पहुंचे, युवाओं में नया जोश भर गया और आंदोलन को एक स्पष्ट दिशा मिली। अभिजीत दीपके ने छात्रों के साथ खुद सड़क पर बैठकर धरना दिया और युवाओं के इस संघर्ष को अपना पूर्ण समर्थन घोषित किया। उन्होंने देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की जवाबदेही और उत्तरदायित्व तय करने की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया। दीपके ने वहां मौजूद जनसैलाब से आगामी 20 जून को दिल्ली में आयोजित होने वाले बड़े राष्ट्रीय प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का पुरजोर आह्वान किया। उन्हें सुनने और देखने के लिए युवाओं की इस कदर भारी भीड़ उमड़ पड़ी कि समर्थकों को उनके चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाए रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इस मौके पर आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के तमाम दमनकारी रवैये और दबाव के बावजूद आज देश का युवा अपने अधिकारों के लिए एकजुट हो चुका है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि जब तक सरकारी विभागों में पड़े लाखों खाली पदों को पूरी पारदर्शिता के साथ भर नहीं दिया जाता, तब तक यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक अनवरत जारी रहेगी। आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि शिक्षा और रोजगार की यह मुहिम अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है, जिससे पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक सुनील यादव ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि समयबद्ध तरीके से और पूरी तरह पारदर्शी परीक्षा संपन्न कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसमें मौजूदा व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हुई है। वहीं, प्रतियोगी छात्र अखिलेश ने भी रिक्त पदों को दबाकर रखने और बार-बार होने वाले पेपर लीक पर सरकार को घेरा। प्रदर्शन के अंत में युवाओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी शासन को भेजने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





