सोनभद्र। पुलिस लाइन चुर्क के कॉन्फ्रेंस हॉल में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण और विस्तृत त्रिपक्षीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान सबसे पहले पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए सैनिक सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसके तुरंत बाद मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी तथा आगामी मोहर्रम पर्व की तैयारियों को लेकर व्यापक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले के अपर पुलिस अधीक्षक, सभी क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष, जिला कारागार गुरमा के अधीक्षक, जीआरपी व आरपीएफ के प्रभारी सहित वन विभाग, आबकारी और होमगार्ड के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत में आयोजित सैनिक सम्मेलन के दौरान पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कर्मियों की व्यक्तिगत और विभागीय समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और उनके त्वरित व न्यायसंगत निस्तारण के लिए संबंधित प्रभारियों को आदेश दिए। उन्होंने पुलिस बल का मनोबल ऊंचा बनाए रखने, कड़ा अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनता के प्रति संवेदनशील व मददगार व्यवहार अपनाने पर विशेष बल दिया। इसके बाद शुरू हुई मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक ने लंबित मामलों के निस्तारण और अपराध नियंत्रण को लेकर कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने 60 और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं तथा विशेष रिपोर्ट (एसआर) प्रकरणों की समीक्षा करते हुए थानों को समयबद्ध कार्रवाई की हिदायत दी। उन्होंने वांछित अभियुक्तों, इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी और कोर्ट से जारी वारंटों का शत-प्रतिशत तामीला कराने के निर्देश दिए।

अपराध नियंत्रण की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने गो-तस्करी, अवैध मादक पदार्थों और अवैध शराब के धंधे में लिप्त माफियाओं के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और कठोर निरोधात्मक कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत चिन्हित एनडीपीएस अपराधियों पर शिकंजा कसने, सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से गायब मोबाइल फोन की बरामदगी बढ़ाने और साइबर फ्रॉड के मामलों में जनता का पैसा होल्ड कराने व रिफंड कराने की दर में सुधार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आईजीआरएस, मुख्यमंत्री संदर्भ, पीजी पोर्टल और जनसुनवाई से प्राप्त होने वाली जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व त्वरित समाधान न करने वाले प्रभारियों को सचेत किया गया। थानों पर वर्षों से सीज पड़े वाहनों, मालखानों में जमा नकद धनराशि व आभूषणों के विधिक निस्तारण तथा ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत न्यायालयों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाने के कार्यों की भी गहन समीक्षा की गई।
आगामी मोहर्रम पर्व को लेकर पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा और शांति व्यवस्था के कड़े प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों का दोबारा चिन्हांकन कर सुरक्षा बढ़ाएं। ताजिया जुलूस के मार्गों और कार्यक्रम स्थलों का भौतिक सत्यापन करने के साथ-साथ मिश्रित आबादी वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। उन्होंने खुफिया तंत्र को सक्रिय करने, पर्याप्त पुलिस और पीएसी बल तैनात करने, सघन फ्लैग मार्च और रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया की सतत निगरानी करने की हिदायत देते हुए उन्होंने साफ किया कि अफवाह फैलाने वाले या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों पर त्वरित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीस कमेटी की बैठकों के जरिए धर्मगुरुओं व संभ्रांत नागरिकों से निरंतर संवाद बनाए रखने और विवादित रहे व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखने की बात कही, ताकि पूरा पर्व शांति, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ संपन्न हो सके।
Author: Harsh Vardhan
7 years experience in the field of journalism.





