हर्षवर्धन, सोनभद्र। जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में पुलिस कार्यालय सोनभद्र में आयोजित ‘जनसुनवाई और जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने खुद कमान संभालते हुए जिले के दूर-दराज के थाना क्षेत्रों से आए पीड़ितों और आम नागरिकों की समस्याओं को बेहद गंभीरता, संवेदनशीलता और पूरी तत्परता के साथ सुना। जनता दर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने पुलिस कप्तान के सामने अपनी आपबीती रखी, जिस पर उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए मातहतों को कड़े निर्देश जारी किए। इस उच्च स्तरीय जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से जमीन से जुड़े आपसी विवाद, पारिवारिक कलह, मारपीट, तेजी से बढ़ते साइबर अपराध, लोगों की गुमशुदगी और राजस्व से संबंधित गंभीर प्रकरणों सहित पुलिस कार्यप्रणाली से जुड़ी तमाम शिकायतें पुलिस अधीक्षक के समक्ष आईं।
प्रत्येक मामले की बारीकी से समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक सोनभद्र ने मौके से ही संबंधित क्षेत्राधिकारियों (सीओ) और थाना प्रभारियों को फोन पर और लिखित रूप से कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि जनता से प्राप्त होने वाली हर एक शिकायत का निस्तारण पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और एक निश्चित समय सीमा के भीतर होना चाहिए। कप्तान ने मातहतों को दो टूक लहजे में कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य और पहली प्राथमिकता हर पीड़ित को बिना किसी भेदभाव के तथ्यपरक जांच कर तत्काल न्याय दिलाना होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने थानों पर एक नई व्यवस्था लागू करने की बात कही, जिसके तहत शिकायतकर्ताओं को उनकी शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है, इसकी प्रगति रिपोर्ट से समय-समय पर अवगत कराया जाता रहेगा ताकि जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो सके।
जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से भरा व्यवहार अपनाने की नसीहत देते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा ने जिले के समस्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा अल्टीमेटम भी दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जनसुनवाई से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर जरा सी भी लापरवाही, ढीला ढाला रवैया, अनावश्यक रूप से मामले को लटकाने या फिर पीड़ित के उत्पीड़न की बात सामने आई, तो दोषी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ बेहद कठोर दंडात्मक और वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा, जिन संवेदनशील और गंभीर मामलों में पुलिस के तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ितों को राहत पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं, जिससे अपराधियों में खौफ और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





