सोनभद्र। जनपद में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अभेद्य बनाने और नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस लाइन चुर्क स्थित सभागार कक्ष में एक अत्यंत महत्वपूर्ण नक्सल समन्वय गोष्ठी का आयोजन किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) सोनभद्र ऋषभ रुणवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस गोष्ठी में जनपद पुलिस, पीएसी (PAC) के आला अधिकारियों समेत विभिन्न संबंधित विभागों और सीमावर्ती जनपद मीरजापुर व चन्दौली से आए सुरक्षा अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक का मुख्य फोकस अंतर-जनपदीय सीमाओं पर सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संभावित संचरण को रोकना और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल को और अधिक बेहतर बनाना रहा। इस दौरान सभी जनपदों के अधिकारियों ने सुरक्षा, संयुक्त गश्ती और समन्वय के विभिन्न पहलुओं पर बेहद विस्तृत चर्चा की।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल ने नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को पनपने से रोकने के लिए नियमित रूप से कॉम्बिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान चलाए जाएं। इस अभियान में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने खुफिया तंत्र को हर समय सक्रिय रखने और किसी भी इनपुट पर तत्काल संयुक्त कार्रवाई करने पर बल दिया, ताकि सुरक्षा चक्र को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। सीमावर्ती जनपदों के साथ गोपनीय व महत्वपूर्ण सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए भी एक मजबूत नेटवर्क स्थापित करने पर सहमति बनी।
एएसपी ऑपरेशन ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सुरक्षा अभियानों के दौरान स्थानीय ग्रामीणों का विश्वास जीतना सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने क्षेत्र के थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे जंगलों और सुदूर गांवों में कॉम्बिंग के दौरान स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनें तथा उनका त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित कराएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों के साथ लगातार सतत संवाद बनाए रखें, उन्हें जागरूक करें कि वे किसी भी राष्ट्रविरोधी तत्व के बहकावे में न आएं और अपने आस-पास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनजान व्यक्ति की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस और प्रशासन को दें। इस जनसहभागिता के माध्यम से ही किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को समूल नष्ट किया जा सकता है।
इस महत्वपूर्ण समन्वय गोष्ठी में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद बनाने के लिए संयुक्त अभियान और खुफिया सूचनाओं को साझा करने जैसे कई रणनीतिक बिंदुओं पर भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। बैठक में मुख्य रूप से क्षेत्राधिकारी यातायात डॉ. चारु द्विवेदी, डिप्टी सीएमओ सोनभद्र डॉ. शैलेन्द्र, प्रभारी निरीक्षक जोनल नक्सल अभिसूचना इकाई राणा प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक स्थानीय अभिसूचना इकाई महेन्द्र प्रताप यादव और कम्पनी कमाण्डर 48वीं आईआर वाहिनी मनोज कुमार उपस्थित रहे। इनके अलावा जनपद के सभी नक्सल प्रभावित थानों के थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी तथा अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाए रखने का संकल्प दोहराया।




